Swine Flu Threat Increases Four Patients Found In Faridabad Health Department Increases Surveillance
स्वाइन फ्लू के मरीज़ों की निगरानी बढ़ी
नवभारतटाइम्स.कॉम•
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस फ्लू में हर मरीज को भर्ती की जरूरत नहीं
NBT रिपोर्ट, फरीदाबादजिले में स्वाइन फ्लू के चार मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर हर मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं होती। मरीज के लक्षण, गंभीरता और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर उसे ए, बी और सी श्रेणी में रखा जाता है। उसी के अनुसार इलाज की दिशा तय की जाती है। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राम भगत ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीजों की स्थिति अलग-अलग हो सकती है। सामान्य लक्षण वाले मरीजों में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार, उपचार और निगरानी पर्याप्त हो सकती है, जबकि गंभीर लक्षण वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए मरीज या उसके परिजन खुद से बीमारी की गंभीरता तय करने के बजाय चिकित्सक से जांच और सलाह जरूर लें।
डॉ. राम भगत ने बताया कि जिले के निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को स्वाइन फ्लू के संदिग्ध और पुष्ट मामलों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देना जरूरी है। इससे स्वास्थ्य विभाग को जिले में संक्रमण की वास्तविक स्थिति पर नजर रखने, मरीजों की निगरानी करने और जरूरत के अनुसार संसाधन तैयार रखने में मदद मिलती है।
खुद से दवा लेने से बचें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि फ्लू जैसे लक्षण होने पर खुद से एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं शुरू न करें। चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवा लें। खांसी या छींक आने पर मुंह-नाक ढकें, हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखें और बीमारी के लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। डॉ. रामभगत के अनुसार, स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लक्षणों को हल्के में भी नहीं लेना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय सलाह और मरीज की सही श्रेणी के अनुसार उपचार से बीमारी को गंभीर होने से रोकने में मदद मिल सकती है।