Semicon 2.O में और मदद करेंगे: गोयल

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Semicon 2.O में और मदद करेंगे: गोयल
जापान दौरे के दूसरे दिन वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने तोक्यो में भारतीय दूतावास की ओर से आयोजित राउंडटेबल में यहां के सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस कंपनियों से निवेश की अपील की। इन कंपनियों ने इस क्षेत्र में भारत में संभावना के साथ निवेश की राह में आने वाली दिक्कतों की ओर भी ध्यान दिलाया। इस पर वाणिज्य मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि केंद्र के साथ राज्य स्तर पर भी उनकी शिकायतें दूर की जाएंगी।

इस सिलसिले में उन्होंने भारत सरकार के Semicon 2.O इंसेंटिव प्रोग्राम का भी जिक्र किया। इस योजना के तहत केंद्र ने 15 अरब डॉलर की सहायता की घोषणा की है। गोयल ने वादा किया कि अगर और वित्तीय सहायता की जरूरत हुई तो सरकार उससे पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस योजना से इस क्षेत्र में कुल 50 अरब डॉलर का निवेश आ सकता है।
इससे पहले गोयल ने मंगलवार को जापान के फाइनैंशल और इन्वेस्टमेंट कंपनियों से बातचीत की। इसमें संभावना तलाशी गई कि किस तरह से भारत में लंबे समय के लिए निवेश में वे मदद कर सकती हैं? इन्वेस्टमेंट पार्टनरशिप में उनकी क्या भूमिका हो सकती है और भारत की तरक्की में जापानी कंपनियों की भागीदारी कैसी रह सकती है?

वाणिज्य मंत्री ने मित्सुबिशी UFJ फाइनैंशल ग्रुप, डिवेलपमेंट बैंक ऑफ जापान, मिजुहो, मॉर्गन स्टैनली, नोमुरा, निपॉन लाइफ के प्रतिनिधियों के साथ इस सिलसिले में बातचीत की।

भारतीय इकॉनमी की मजबूती का जिक्र : फाइनैंशल कंपनियों के साथ बैठक में गोयल ने भारतीय इकॉनमी की मजबूती का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.7% रही है, जबकि उस दौरान दुनिया युद्ध और दूसरी अनिश्चितताओं का सामना कर रही थी। उन्होंने यह दावा भी किया कि अभी के 4 ट्रिलियन डॉलर से 2047 तक भारत 30 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने की ओर अग्रसर है।

गोयल ने कहा कि जापानी कंपनियों के लिए सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और अडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सहित डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश के मौके हैं। वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जापानी कंपनियों ने भी लंबी अवधि में भारतीय ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा जताया है।

FICCI ने किया सख्त रेगुलेटरी नॉर्म्स का जिक्र : वहीं, FICCI के प्रेसिडेंट अनंत गोयनका ने तोक्यो में कहा कि भारतीय निर्यातकों को जापान में सख्त रेगुलेटरी नॉर्म्स और सर्टिफिकेशन जरूरतों का सामना करना पड़ता है, खासतौर पर भारतीय दवा कंपनियों को। इससे भारत का व्यापार घाटा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर वाणिज्य मंत्री गोयल ने भी इस दौरे में चिंता जताई है।

जापानी कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी की चर्चा : मित्सुबिशी UFJ ने श्रीराम ट्रांसपोर्ट में 4 अरब डॉलर निवेश का जिक्र करते हुए कहा कि वह दूसरे क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं तलाश रहा है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। मिजुहो ने भी भारत में काम कर रहीं जापानी कंपनियों की बढ़ती प्रॉफिटेबिलिटी का जिक्र किया। मॉर्गन स्टैनली ने कहा कि भारत में उसके 19,000 एंप्लॉयीज काम कर रहे हैं। निपॉन लाइफ ने भी भारत में निवेश से अच्छे रिटर्न का जिक्र किया।