Businessman Defrauded Of 55 Lakhs On Pretext Of Partnership Fir Registered
पार्टनरशिप का झांसा दे ~55 लाख का फ्रॉड
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT रिपोर्ट, गाजियाबाद
कविनगर क्षेत्र के राजनगर में रहने वाले एक कारोबारी से केमिकल के कारोबार में अच्छा रिटर्न दिलाने का झांसा देकर 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि आरोपियों ने नामी कंपनियों के फर्जी परचेज ऑर्डर व दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की। मामले में राजनगर सेक्टर-10 निवासी ललित कुमार ने पुलिस आयुक्त से शिकायत कर कविनगर थाने में 8 जुलाई को संदीप खुल्लर, जेडआरएस कंपनी के एमडी विजय तिवारी, कंपनी के संस्थापक हरेंद्र पाल सिंह, अकाउंटंट भारत, बलवान सिंह पठानिया, सचिन जैन और विकास जैन के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, धमकी और अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया है।शिकायत में ललित कुमार ने बताया कि आरडीसी स्थित दुर्गा टावर में उनका कार्यालय है। करीब दो-तीन साल से उनका परिचित कौशांबी निवासी संदीप खुल्लर उनके पास विभिन्न कारोबार के प्रस्ताव लेकर आता-जाता था। कुछ समय पहले उसने केमिकल कारोबार में 25 से 30 प्रतिशत मुनाफे का भरोसा दिलाते हुए पार्टनरशिप का प्रस्ताव दिया। उसने बताया कि पंजाब की जेडआरएस कंपनी के माध्यम से बड़े उद्योगों और ईटीपी-एसटीपी प्लांट में इस्तेमाल होने वाले केमिकल की सप्लाई होगी और भुगतान समय से मिलेगा। ललित का कहना है कि आरोपियों के कहने पर उन्होंने अलग-अलग कंपनियों के नाम पर जिंक ऑक्साइड, कार्बन, रिएजेंट सहित अन्य केमिकल की सप्लाई शुरू कर दी। जगह कम पड़ने पर 40 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर गोदाम भी लिया। इस दौरान करीब डेढ़ करोड़ रुपये का माल विभिन्न कंपनियों के नाम पर बिल किया गया, जबकि आरोपियों के कहने पर उन्होंने करीब 55 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया। इसके बावजूद माल की बिक्री और भुगतान नहीं हुआ। बाद में आरोपियों ने पंजाब की पथानिया एंटरप्राइजेज समेत अन्य कंपनियों के नाम से परचेज ऑर्डर भेजे और भरोसा दिलाया कि कुछ दिनों में पूरा भुगतान होगा। जब भुगतान नहीं आया तो उन्होंने संबंधित कंपनियों के अधिकारियों से संपर्क किया। वहां से जानकारी मिली कि उनके नाम से कोई परचेज ऑर्डर जारी ही नहीं किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि सभी पीओ एक ही प्रारूप में तैयार किए गए थे और उन पर एक जैसे हस्ताक्षर थे। ललित कुमार का कहना है कि आरोपियों ने फर्जी लेटरहेड और दस्तावेज तैयार कर साजिश के तहत धोखाधड़ी की है।