Neemka Jail Prisoner Death Haryana Human Rights Commission Seeks Report From Dg Investigation Into Suspicious Death Begins
नीमका जेल में बंदी की मौत कैसे हुई, हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने डीजी से मांगी रिपोर्ट
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT न्यूज, चंडीगढ़
हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने फरीदाबाद की नीमका जिला जेल में न्यायिक हिरासत के दौरान एक विचाराधीन बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मामले को गंभीरता से लिया है। आयोग ने इस केस में विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब करते हुए महानिदेशक कारागार, हरियाणा को अगली सुनवाई से पहले रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग के सदस्य दीप भाटिया ने सुनवाई के दौरान निर्देश दिए कि तथ्यात्मक रिपोर्ट हरियाणा मानवाधिकार आयोग के महानिदेशक (जांच) के माध्यम से प्रस्तुत की जाए। शिकायत के अनुसार, मृतक रंकित उर्फ रितिक को न्यायिक हिरासत के दौरान शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। आरोप है कि वह अवसाद से पीड़ित था, लेकिन उसे समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय और मनोवैज्ञानिक उपचार उपलब्ध नहीं कराया गया। साथ ही उसकी मानसिक स्थिति के अनुरूप आवश्यक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं की गई। शिकायत में यह भी मांग की गई है कि जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि बंदी का उपचार किस चिकित्सक या मनोचिकित्सक ने किया, उसे कौन-कौन सी दवाएं दी गईं और जेल प्रशासन ने आत्महत्या रोकथाम संबंधी मानकों तथा जेल नियमों का पालन किया या नहीं। घटना के समय ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की भी मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग की है। इनमें जेल परिसर की सीसीटीवी फुटेज, कंट्रोल रूम और सुरक्षा टावरों की रिकॉर्डिंग, प्रवेश-निकास रजिस्टर, ड्यूटी रजिस्टर, दैनिक डायरी, विजिटर रजिस्टर, मेडिकल व मनोचिकित्सकीय रिकॉर्ड, शिकायत रजिस्टर सहित अन्य संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। संबंधित अधिकारियों के मोबाइल कॉल, लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने का भी अनुरोध किया गया है।