n NBT रिपोर्ट, फरीदाबाद
अशोका एन्क्लेव पार्ट-1 में पड़ोसियों के बीच चल रहे एक लंबे विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। करीब तीन वर्ष पुराने मामले में अदालत के आदेश पर थाना सराय ख्वाजा पुलिस ने एक महिला के खिलाफ घर में घुसकर धमकाने और आपराधिक अतिक्रमण के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। मामला वर्ष 2023 का है।
जानकारी के अनुसार, अशोका एन्क्लेव पार्ट-1 स्थित एक मकान के ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले विकास सोनी और उनकी माता पूर्णिमा सोनी ने अदालत में दायर शिकायत में आरोप लगाया था कि प्रथम मंजिल पर रहने वाली भावना कौल और उनके परिवार के साथ उनका लंबे समय से विवाद चल रहा है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार महिला का विशेष आवश्यकता वाला बच्चा दिन और रात में अक्सर दौड़ता और कूदता था, जिससे नीचे रहने वाले परिवार को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ता था। परिवार के बुजुर्ग सदस्य नींद न आने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शिकायत में कहा गया कि उन्होंने कई बार पड़ोसी परिवार से फ्लोर पर कारपेट या कुशनिंग लगाने का अनुरोध किया ताकि शोर कम हो सके, लेकिन उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। आरोप है कि 18 अगस्त 2023 को इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने शोर की समस्या को लेकर बातचीत की तो महिला और पति ने नाराज होकर अभद्र व्यवहार किया तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
पुलिसकर्मियों ने की अभद्रता: शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उसी दिन उनके खिलाफ झूठी शिकायत देकर पुलिस कार्रवाई करवाने का प्रयास किया गया। आरोप है कि देर रात करीब 11:30 बजे महिला तीन पुलिसकर्मियों के साथ उनके घर पहुंची और वहां अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें धमकाया। उस समय घर में केवल बुजुर्ग दंपती मौजूद थे। शोर-शराबा सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद मामला शांत हुआ। बाद में शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी प्राप्त की। आरटीआई से मिले दस्तावेज और पुलिस अधिकारियों के बयानों के आधार पर शिकायतकर्ताओं ने अदालत में इस्तगासा दायर किया। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दीपाली सिंगला की अदालत ने पाया कि घटना वर्ष 2023 की है, जो नए आपराधिक कानून लागू होने से पहले की है। इसलिए कोर्ट ने आईपीसी की धाराओं के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।


