‘पलवल को एनसीआर से किया जाए अलग’

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भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) गुट ने पलवल को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से अलग करने की मांग की है। यूनियन ने जाट धर्मशाला में बैठक कर इस मुद्दे पर चर्चा की। उनका कहना है कि पलवल ग्रामीण इलाका है और एनसीआर की कोई सुविधा नहीं मिलती। एनसीआर में होने से अनावश्यक प्रतिबंध झेलने पड़ रहे हैं।

demand to separate palwal from ncr farmers union holds meeting memorandum to be submitted

nNBT न्यूज, पलवल: जिले को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से अलग करने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) गुट ने जाट धर्मशाला में बैठक की। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष व गांव औरंगाबाद निवासी समुंद्र सिंह चौहान, जबकि यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत मुख्य तौर पर मौजूद रहे। किसान नेताओं ने कहा कि पलवल ग्रामीण इलाका है और एनसीआर जैसी कोई सुविधा नहीं है। पलवल को एनसीआर में शामिल किए जाने से जिलेवासियों को अनावश्यक प्रतिबंध झेलने पड़ रहे हैं। 15 जून को उपायुक्त के माध्यम से एनसीआर सचिव को ज्ञापन सौंपा जाएगा। राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करनाल और पानीपत को एनसीआर से बाहर करने के लिए केंद्र को पत्र लिखा था। अगर एनसीआर में होने से इतनी सहूलियतें मिलतीं, तो खट्टर अपने जिलों को बाहर करने की मांग नहीं करते।