n NBT रिपोर्ट, फरीदाबाद
ब्रांडेड उत्पादों की नकली कॉपी बनाकर बाजार में बेचने वाले एक कथित गिरोह का खुलासा हुआ है। मुजेसर थाना पुलिस ने सेक्टर-23 स्थित संजय कॉलोनी में कार्रवाई करते हुए प्रसिद्ध कंपनी टपारिया टूल्स लिमिटेड के नाम से तैयार किए जा रहे हजारों नकली पेचकस हैंडल बरामद किए हैं। मामले में कॉपीराइट उल्लंघन और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब मुंबई स्थित आईपी इन्वेस्टिगेशन एंड डिटेक्टिव सर्विस प्राइवेट लिमिटेड (ICVA ग्रुप) ने डीसीपी एनआईटी फरीदाबाद को एक शिकायत दी। कंपनी ने शिकायत में बताया कि वह देश की कई बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा का कार्य करती है और टपारिया टूल्स लिमिटेड भी उसकी क्लाइंट कंपनियों में शामिल है।
बाजार सर्वेक्षण के दौरान जांच एजेंसी को जानकारी मिली कि फरीदाबाद में टपारिया ब्रांड के नाम पर नकली उत्पाद तैयार कर बेचे जा रहे हैं। शिकायत में कहा गया कि कुछ लोग कंपनी के ट्रेडमार्क और कॉपीराइट का उल्लंघन करते हुए टपारिया ब्रांड के पेचकस हैंडल की नकल तैयार कर रहे हैं। इससे कंपनी को आर्थिक नुकसान होने के साथ-साथ उसकी साख भी प्रभावित हो रही है। शिकायत मिलने के बाद डीसीपी कार्यालय से मामला मुजेसर थाना पुलिस को जांच के लिए भेजा गया। जांच के दौरान कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि शाहबाज आलम ने पुलिस को बताया कि सेक्टर-23 स्थित श्री श्याम इंडस्ट्रीज में टपारिया ब्रांड के पेचकस हैंडल की कथित तौर पर नकल तैयार की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जवाहर कॉलोनी निवासी सचिन दसवाल इस नकली माल के कारोबार से जुड़ा हुआ है और बाजार में इसकी सप्लाई कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कंपनी प्रतिनिधि की मौजूदगी में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस को चार सफेद कट्टों में भारी मात्रा में टपारिया ब्रांड की मार्किंग वाले पेचकस हैंडल मिले। गिनती करने पर एक कट्टे में 1500 छोटे हैंडल व अन्य तीन कट्टों में 800-800 बड़े हैंडल बरामद हुए। इस तरह कुल 3900 कथित नकली पेचकस हैंडल पुलिस ने कब्जे में लिए। मुजेसर थाना पुलिस ने कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 समेत बीएनएस की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। कंपनी के अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता और इसके पीछे सप्लायर, निर्माता तथा वितरकों का बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। उन्होंने इस मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान बरामद उत्पादों की तकनीकी जांच कराई जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि नकली सामान कितने समय से बाजार में बेचा जा रहा था। साथ ही इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


