Case Registered Two Months After Youths Self immolation Allegations Of Inaction Against Police
युवक के आत्मदाह मामले में दो माह बाद दर्ज हुआ केस
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर के एक युवक के गुड़गांव में सेक्टर-40 थाने से चंद कदम दूर आत्मदाह कर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में दो महीने बाद फतेहपुर के थरियांव थाने की ओर से भेजी गई जीरो एफआईआर के आधार पर गुड़गांव पुलिस ने केस दर्ज किया है। युवक ने 15 अप्रैल को एक स्यूसाइड विडियो और ऑडियो रेकॉर्ड करने के बाद खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली थी, लेकिन इस मामले में गुड़गांव पुलिस ने अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं की थी।15 अप्रैल की रात करीब 9:30 बजे फतेहपुर के सीतापुर गांव का रहने वाला अंकित अपनी कार से सेक्टर-40 थाने के पास पहुंचा था। थाने से महज 20 कदम की दूरी पर उसने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। गंभीर हालत में उसे दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। आत्मदाह से पहले अंकित ने सोशल मीडिया पर एक विडियो भी जारी किया था, जिसमें उसने अपनी आपबीती सुनाई थी। इसके बाद भी गुड़गांव पुलिस ने दो महीने तक मुख्य आरोपी युवती के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया। परिवार ने फतेहपुर के थरियांव थाने में भी शिकायत की थी, लेकिन शुरुआती दौर में वहां भी सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार, परिवार ने फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। एसपी के निर्देश पर थरियांव पुलिस ने जीरो दर्ज की। सेक्टर-40 थाना पुलिस का कहना है कि उन्हें यूपी पुलिस से जीरो एफआई आर प्राप्त हो चुकी है, मामले की नए सिरे से जांच शुरू कर दी गई है
परिवार ने लगाया आरोप : शिकायतकर्ता दीपा यादव निवासी सीतापुर ने फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक बताया था कि उनके छोटे भाई अंकित कुमार का गांव के ही असोथर रोड की रहने वाली काजल से पिछले पांच वर्षों से प्रेम प्रसंग था। दोनों गुड़गांव में साथ रहते थे। पिछले दो सालों से काजल करनाल निवासी ठेकेदार दिलबाग सिंह और रिकी भट्ट निवासी गुड़गांव के संपर्क में भी थी। आरोप है कि इन तीनों ने मिलकर साजिश के तहत अंकित पर चोरी और रुपये ऐंठने का झूठा आरोप लगाया। वे अंकित को फर्जी मुकदमे में जेल भेजने, पांच लाख की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकियां दे रहे थे।