IPO बाजार में फिर लौट रही रौनक, मेगा लिस्टिंग्स पर निवेशकों की नजरें

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ipo market roars back investors eye mega listings 25 lakh crore expected to be raised in 2026
Sudha.Shrimali

@timesofindia.com
n मुंबई: करीब छह महीने की सुस्ती के बाद IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफर) बाजार में फिर हलचल बढ़ गई है। कई बड़ी और मिड-साइज कंपनियां शेयर बाजार से पूंजी जुटाने की तैयारी कर रही हैं। जियो प्लैटफॉर्म्स, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), हीरो मोटर्स, SBI म्यूचुअल फंड और जेप्टो जैसे बड़े नाम निवेश कों का ध्यान खींच रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हर IPO में पैसा लगाना सही होगा? विशेषज्ञों का कहना है कि सही IPO चुनने में भी वही नियम लागू होते हैं जो शेयर बाजार में निवेश के लिए होते हैं- मजबूत बिजनेस, उचित वैल्यूएशन और लंबी अवधि की ग्रोथ।

मार्केट ट्रैकर्स के अनुसार, 2026 में 150 से अधिक कंपनियां पूंजी बाजार से धन जुटाने की तैयारी कर रही हैं। इनमें टेक्नॉलजी, फिनटेक, फाइनैंशल सर्विसेज, ऑटो कंपोनेंट्स, ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लैटफॉर्म से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, इस साल IPO के जरिए करीब ₹2.5 लाख करोड़ जुटाए जा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह भारतीय प्राइमरी मार्केट के इतिहास का नया रेकॉर्ड होगा।

जून 2026 में Jio प्लैटफॉर्म्स, NSE, जेप्टो, SBI फंड मैनेजमेंट, हीरो मोटर्स जैसी कई बड़ी कंपनियों ने IPO की मंजूरी के लिए अपना DRHP फाइल किया। है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन बड़े इश्यू के आने से न केवल निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी बल्कि भारतीय पूंजी बाजार को भी नई गति मिलेगी। वर्तमान में मेन बोर्ड और SME सेगमेंट में दर्जनों IPOs पाइपलाइन में हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मेगा IPO केवल कंपनियों के लिए पूंजी जुटाने का जरिया नहीं होते, बल्कि वे पूरे बाजार के निवेश माहौल को भी प्रभावित करते हैं। विशेषज्ञ यह भी याद दिलाते हैं कि हर बड़ा IPO अच्छा निवेश नहीं होता। निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, बिजनेस मॉडल, वैल्यूएशन और जोखिमों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए।

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