मेट्रो कोच की खरीद पर फंसा पेच, प्रॉजेक्ट में हो सकती है देर

नवभारतटाइम्स.कॉम

गुड़गांव मेट्रो विस्तार परियोजना में रोलिंग स्टॉक यानी मेट्रो कोचों की खरीद को लेकर नया पेंच फंस गया है। प्रमुख कंपनियों ने डेढ़ साल में कोचों की आपूर्ति की समयसीमा पर पुनर्विचार की मांग की है। इससे मेट्रो संचालन शुरू होने में देरी की आशंका है। फिलहाल परियोजना का सिविल वर्क जारी है।

gurugram metro coach purchase faces delay risk project timeline questioned

n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव

मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक मेट्रो लाइन विस्तार का काम भले ही जमीन पर आगे बढ़ रहा हो, लेकिन परियोजना के एक अहम हिस्से रोलिंग स्टॉक (मेट्रो कोचों) की खरीद को लेकर नया पेच फंस गया है। गुड़गांव मेट्रो रेल लिमिटेड ( GMRL ) की प्री-बिड बैठक में देश-विदेश की कुछ प्रमुख कंपनियों ने डेढ़ साल के भीतर कोचों की आपूर्ति की संभावित समयसीमा पर पुनर्विचार करने की मांग की है। ऐसे में मेट्रो विस्तार परियोजना के संचालन कार्यक्रम और आगे की योजना पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

जीएमआरएल कार्यालय में मंगलवार को हुई एक बैठक में बीईएमएल समेत कुछ प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य मेट्रो कोच खरीद के लिए प्रस्तावित टेंडर की शर्तों और तकनीकी पहलुओं पर इन कंपनियों की राय जानना था। इस दौरान कंपनियों ने स्पष्ट किया कि रोलिंग स्टॉक के डिजाइन, निर्माण, परीक्षण, गुणवत्ता जांच और सुरक्षा स्वीकृतियों की प्रक्रिया लंबी होती है। ऐसे में डेढ़ साल के भीतर कोचों की डिलिवरी देना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा।

समयसीमा में बदलाव से हो सकती है देरी : विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जीएमआरएल को कंपनियों के सुझावों के आधार पर समयसीमा में बदलाव करना पड़ता है तो टेंडर प्रक्रिया और कोचों की उपलब्धता का कार्यक्रम भी उसी अनुसार तय करना होगा। हालांकि इसका सीधा असर निर्माण कार्य पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि फिलहाल परियोजना का सिविल वर्क जारी हैं। लेकिन मेट्रो संचालन शुरू करने की अंतिम डेडलाइन तय करने में कोचों की उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है।