n NBT न्यूज, सेक्टर-10
शहर के सेक्टर-10 स्थित सिविल अस्पताल में बुधवार को भी नर्सिंग स्टाफ ने सांकेतिक विरोध प्रदर्शन जारी रखा। राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद फिलहाल विरोध स्थगित कर दिया गया लेकिन नर्सिंग कर्मचारियों ने कहा कि सिर्फ इस्तीफा देना ही काफी नहीं, उन्हें पूरे नर्सिंग समुदाय से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ेगी। अगर वह ऐसा नहीं करती हैं तो फिर से कामबंदी की जाएगी। बता दें कि मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के बाद नर्सिंग कर्मचारियों ने बुधवार को भी एक घंटे तक काम बंद रखकर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद वे काम पर लौट आए लेकिन चेतावनी दी कि यदि इस्तीफे की प्रक्रिया या मामले में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो वे दोबारा पूर्ण कामबंदी का रास्ता अपनाएंगे। नर्सिंग स्टाफ की मीडिया कोऑर्डिनेटर पूनम सहरावत ने कहा कि यह आंदोलन सम्मान और गरिमा से जुड़ा हुआ है। रेनू भाटिया की टिप्पणी से पूरा नर्सिंग समुदाय आहत है। ऐसे में उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी। उन्होंने कहा कि केवल इस्तीफा इस पूरे विवाद का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि चेयरपर्सन के इस्तीफे के बाद विरोध को एक घंटे की सांकेतिक कामबंदी तक सीमित रखा गया। बुधवार को नर्सिंग स्टाफ के समर्थन में सीटू और जनवादी महिला समिति के सदस्य भी अस्पताल परिसर पहुंचे और कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया।
क्या है मामला : यह विवाद कुरुक्षेत्र सिविल अस्पताल में हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया की नर्सिंग स्टाफ पर कथित टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था। इसके विरोध में मंगलवार को प्रदेशभर के नर्सिंग कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। हालांकि देर शाम उनके इस्तीफे के बाद नर्सिंग स्टाफ शांत तो हुआ है लेकिन नर्सें सार्वजनकि रूप से माफी मांगने की बात पर अभी भी अड़ी हुई हैं।




