नगर निगम ने एजेंसी के पेमेंट पर लगाई रोक, ठेकेदार अब भी फरार

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प्रतापगढ़ पंपिंग स्टेशन में सीवर टैंक की सफाई के दौरान दो कर्मचारियों की मौत हो गई। नगर निगम ने संबंधित एजेंसी के भुगतान पर रोक लगा दी है। ठेकेदार गिरधारी लाल के खिलाफ निगम और पीड़ित परिवारों ने केस दर्ज कराए हैं। निगम प्रशासन मृतकों के परिवारों को 30-30 लाख रुपये की आर्थिक मदद करेगा।

two employees die in sewer tank municipal corporation stops agency payment contractor absconding

n NBT न्यूज, फरीदाबाद

प्रतापगढ़ स्थित मेन पंपिंग स्टेशन में सीवर टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो कर्मचारियों की मौत के मामले में नगर निगम ने सख्त कार्रवाई की है। निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने संबंधी कंस्ट्रक्शन कंपनी के भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं, वहीं ठेकेदार के खिलाफ भी निगम और पीड़ित परिवार की ओर से अलग-अलग केस दर्ज कराए गए हैं। क्षेत्र में लगातार सीवर ओवरफ्लो की शिकायतें सामने आ रही थीं। कई वाॅर्डों के पार्षदों ने निगम अधिकारियों को अवगत कराया था कि सीवर पानी लाइनों में वापस भर रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी हो रही है। इसके बाद निगम ने संबंधी गिरधारी लाल ठेकेदार को पंपिंग स्टेशन की सफाई और व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे।

प्रतापगढ़ और मिर्जापुर क्षेत्र के मेन पंपिंग स्टेशनों का संचालन गिरधारी लाल एजेंसी द्वारा किया जा रहा, जिसके माध्यम से एनआईटी क्षेत्र का सीवर और ड्रेनेज का पानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक पहुंचाया जाता है। स्टेशन की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर आसपास की कॉलोनियों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

निगम प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी : प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस टैंक की सफाई की जा रही थी, उसमें भारी मात्रा में गाद जमा थी। दोनों युवकों को बिना किसी आवश्यक सुरक्षा किट के टैंक में उतार दिया गया। जिसके चलते सफाई कर्मचारी अनमोल और आकाश की मौत हो गई। घटना के बाद निगम प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने एजेंसी की पेमंट रोकने के आदेश दिए हैं, साथ ही निगम की ओर से थाना मुजेसर में ठेकेदार गिरधारी लाल के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। वहीं पीड़ित परिवार की ओर से भी अलग केस दर्ज कराया गया है।

30-30 लाख रुपये की आर्थिक मदद करेगा निगम प्रशासन : नियम के अनुसार इस तरह से किसी कर्मचारी की मौत होने के बाद 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलती थी, लेकिन अब 30-30 लाख रुपये की मदद निगम प्रशासन कराएगा। साथ ही आगे ऐसी घटना न हो इसके लिए भी अफसरों ने निर्देश जारी किए हैं।