16 People Fall Ill In Faridabad After Eating Kuttu Pakoras During Fast Health Department Investigates
व्रत में कुट्टू के पकौड़े खाते ही 16 से ज्यादा लोग हुए बीमार
नवभारत टाइम्स•
फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी में नवरात्र के दौरान कुट्टू का आटा खाने से 16 से अधिक लोग बीमार पड़ गए। गुरुवार रात को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पेट दर्द, उल्टी-दस्त और बुखार जैसे लक्षण सामने आए। स्वास्थ्य विभाग ने आटे के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
फरीदाबाद के डबुआ कॉलोनी, सेक्टर-50 में नवरात्र के दौरान कुट्टू का आटा खाने से गुरुवार रात 16 से ज्यादा लोग अचानक बीमार पड़ गए। इन सभी को इलाज के लिए आसपास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कई लोगों ने यह आटा पास की अलग-अलग दुकानों से खरीदा था और उसी आटे से पकौड़े बनाकर खाए थे। देर रात प्राथमिक उपचार के बाद ये लोग घर लौट आए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
नर्सिंग होम के डॉक्टरों ने बताया कि खाना खाने के कुछ ही घंटों बाद रात में एक-एक कर लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। किसी को तेज पेट दर्द की शिकायत हुई, तो किसी को उल्टी-दस्त होने लगे। कई लोगों को बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द और बदन दर्द जैसी समस्याएं भी हुईं। देखते ही देखते हालात ऐसे हो गए कि एक साथ कई लोगों को अस्पताल ले जाना पड़ा।इस घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। आशंका जताई जा रही है कि कुट्टू का आटा खराब या मिलावटी हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित दुकानों से आटे के सैंपल लेकर जांच कराने की बात कही है। वहीं, फूड एंड सेफ्टी विभाग की टीम ने दावा किया कि त्योहार को देखते हुए कुछ दिनों से सैंपल लिए जा रहे हैं। अभी तक 15 सैंपल लिए जा चुके हैं।
घटना के बाद कॉलोनी के लोगों ने प्रशासन से दोषी दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई और खाद्य सामग्री की जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि नवरात्र जैसे पवित्र अवसर पर ऐसी घटना होना बहुत चिंताजनक है। उन्होंने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिले।
यह घटना फरीदाबाद में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करेगा और दोषियों को सजा देगा। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करेगा कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ गुणवत्तापूर्ण हों और किसी भी तरह की मिलावट से मुक्त हों। नवरात्र के दौरान लोग विशेष रूप से शुद्धता का ध्यान रखते हैं, ऐसे में इस तरह की घटना से लोगों की आस्था को भी ठेस पहुंची है।
फूड एंड सेफ्टी विभाग की टीम ने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले की पूरी जांच करेंगे और अगर आटा मिलावटी पाया जाता है, तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लोगों ने यह भी मांग की है कि ऐसे दुकानदारों के लाइसेंस रद्द किए जाएं ताकि वे दोबारा इस तरह का अपराध न कर सकें। यह घटना आम लोगों के लिए एक चेतावनी है कि वे किसी भी खाद्य पदार्थ को खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच अवश्य कर लें।