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नवभारत टाइम्स

अब 8 बड़े शहरों में HRA छूट का लाभ मिलेगा। कैश लेनदेन, कार, प्रॉपर्टी और होटल बिलों के लिए पैन कार्ड की सीमा बढ़ाई गई है। क्रिप्टो एक्सचेंजों को टैक्स विभाग को जानकारी देना होगा। इलेक्ट्रिक गाड़ियों को भी टैक्स में छोटी कारों जैसा फायदा मिलेगा। यह बदलाव आम जनता के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत देते हुए कई अहम फैसले लिए हैं। अब हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की छूट के लिए 8 बड़े शहरों को 50% की कैटेगरी में रखा गया है, जो पहले सिर्फ 4 शहर थे। इसके अलावा, कैश ट्रांजैक्शन, कार, प्रॉपर्टी और होटल बिलों के लिए पैन कार्ड देने की लिमिट भी बढ़ा दी गई है। क्रिप्टो एक्सचेंजों को अब टैक्स विभाग को जानकारी देना अनिवार्य होगा। साथ ही, इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) को भी टैक्स के मामले में छोटी कारों के बराबर दर्जा दिया गया है।

पहले HRA छूट के लिए मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नै जैसे 4 बड़े शहरों को ही 50% की कैटेगरी में रखा जाता था। लेकिन अब इस लिस्ट में हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु को भी शामिल कर लिया गया है। इसका मतलब है कि इन 8 शहरों में रहने वाले लोग अब HRA पर ज्यादा टैक्स बचा पाएंगे।
कैश में लेन-देन को लेकर भी नियम बदले हैं। अब साल में 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा के कैश डिपॉजिट या विड्रॉल के लिए पैन कार्ड देना जरूरी होगा। प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने के मामले में भी यह लिमिट 20 लाख रुपये से ज्यादा होने पर पैन कार्ड दिखाना होगा।

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों के लिए भी एक बड़ा बदलाव हुआ है। अब सभी क्रिप्टो एक्सचेंजों को टैक्स विभाग को अपने ग्राहकों की जानकारी देनी होगी। यह कदम सरकार की काले धन पर नकेल कसने की कोशिश का हिस्सा है।

इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने उन्हें टैक्स के मामले में बड़ी कारों के बराबर ला दिया है। इसका मतलब है कि अब इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर भी आपको टैक्स में छूट मिल सकती है, ठीक वैसे ही जैसे छोटी पेट्रोल या डीजल कारों पर मिलती है। यह कदम पर्यावरण को बचाने और प्रदूषण कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।