पुस्तक मेले में दिखा कला-साहित्य का संगम

नवभारत टाइम्स

लखनऊ पुस्तक मेले में साहित्य और कला का अनूठा संगम देखने को मिला। बारिश के बावजूद पाठकों ने कला और संगीत से जुड़ी पुस्तकों में गहरी रुचि दिखाई। कनका सुधाकर, डॉ. विजयपाल और शोभना नारायण की पुस्तकें चर्चा में रहीं। कमलेश दुबे की तबले पर आधारित पुस्तक भी पाठकों को लुभा रही है। मेले में कला-साहित्य प्रेमियों की भीड़ जुटी।

unique confluence of art and literature at lucknow book fair books on dance music and theater in demand
लखनऊ पुस्तक मेले के आठवें दिन रवींद्रालय में साहित्य और कला का शानदार संगम देखने को मिला। बारिश के बावजूद, पुस्तक प्रेमियों ने कला और संगीत से जुड़ी किताबों में गहरी रुचि दिखाई। नृत्य, नाटक, रंगमंच और गायन जैसे विषयों पर खास किताबें खूब पसंद की गईं।

शुभी प्रकाशन के स्टॉल पर कनका सुधाकर की 'इंडियन क्लासिकल डांसेज', डॉ. विजयपाल की 'हस्त मुद्रा थेरपी' और नृत्यांगना शोभना नारायण की 'इंडियन माइथोलॉजी थ्रू क्लासिकल डांस' जैसी किताबें चर्चा का विषय रहीं। स्थानीय लेखक कमलेश दुबे की तबले पर आधारित किताब भी पाठकों को खूब लुभा रही है।
बारिश ने मौसम को और भी खुशनुमा बना दिया, जिससे पुस्तक प्रेमियों का उत्साह दोगुना हो गया। मेले में कला और संगीत से जुड़ी किताबों की मांग बहुत ज्यादा देखी गई। पाठकों ने इन खास विषयों की किताबों को हाथों-हाथ लिया।