Number Of Cities Eligible For 50 Hra Exemption Doubled Major Changes In Tax Rules
50% HRA छूट के दायरे में आने वाले शहरों की संख्या हुई दोगुनी
नवभारत टाइम्स•
नौकरीपेशा लोगों के लिए अच्छी खबर है। मकान किराये पर टैक्स छूट का दायरा दोगुना हो गया है। अब 50% HRA छूट वाले शहरों की संख्या बढ़ गई है। साथ ही, 1 अप्रैल से पैन कार्ड के नियम भी बदल रहे हैं। 10 लाख रुपये से ज्यादा के कैश लेनदेन पर पैन देना होगा।
नई दिल्ली: सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने शुक्रवार को इनकम टैक्स ऐक्ट, 2025 के लिए नए नियमों की घोषणा की है। इन नए नियमों के तहत, नौकरीपेशा लोगों को मकान किराये (HRA) पर मिलने वाली टैक्स छूट का दायरा बढ़ाया गया है। साथ ही, मकान मालिक और किरायेदार के बीच के रिश्ते की जानकारी देना भी अब ज़रूरी हो गया है। ये बदलाव 1 अप्रैल से लागू होंगे। नए नियमों में HRA छूट का पुराना ढांचा तो वैसा ही रहेगा, लेकिन 50 फीसदी टैक्स छूट वाले शहरों की संख्या दोगुनी कर दी गई है। इसके अलावा, एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपये या उससे ज़्यादा की नकद निकासी या जमा पर पैन कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा, जबकि अभी यह सीमा 50,000 रुपये है। गाड़ी खरीदने पर भी, अगर कीमत 5 लाख रुपये से ज़्यादा है तो पैन ज़रूरी होगा। पहले टू-व्हीलर के लिए पैन की ज़रूरत नहीं थी, और कार के लिए हर कीमत पर पैन लगता था। होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल या इवेंट मैनेजमेंट के 1 लाख रुपये से ज़्यादा के बिल पर भी पैन कार्ड दिखाना होगा, जो पहले 50,000 रुपये था। प्रॉपर्टी खरीदने, बेचने या गिफ्ट में देने के मामले में, अब 20 लाख रुपये से ज़्यादा के लेन-देन पर पैन देना होगा, जो पहले 10 लाख रुपये था। खास बात यह है कि अब सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को भी इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के तौर पर स्वीकार किया जाएगा।
यह नया नोटिफिकेशन नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है। HRA पर मिलने वाली टैक्स छूट का दायरा बढ़ने से लोगों की जेब पर बोझ कम होगा। पहले जहां कुछ ही बड़े शहरों में 50 फीसदी टैक्स छूट मिलती थी, वहीं अब ऐसे शहरों की संख्या दोगुनी हो गई है। इसका मतलब है कि अब ज़्यादा लोग इस छूट का फायदा उठा पाएंगे।नकद लेन-देन पर पैन कार्ड की अनिवार्यता को लेकर भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अब एक साल में 10 लाख रुपये से ज़्यादा की नकद निकासी या जमा करने पर पैन दिखाना होगा। यह नियम काले धन पर लगाम लगाने की दिशा में एक अहम कदम है। अभी तक यह नियम था कि एक दिन में 50,000 रुपये से ज़्यादा जमा करने पर ही पैन की ज़रूरत पड़ती थी।
गाड़ी खरीदने के शौकीन लोगों के लिए भी नए नियम आए हैं। अगर आप 5 लाख रुपये से ज़्यादा की गाड़ी खरीदते हैं, तो आपको पैन कार्ड दिखाना होगा। पहले टू-व्हीलर के लिए पैन की ज़रूरत नहीं थी, लेकिन अब यह नियम बदल गया है। वहीं, कार के लिए तो पहले से ही हर कीमत पर पैन ज़रूरी था।
इसके अलावा, बड़े बिल वाले खर्चों पर भी पैन की अनिवार्यता बढ़ाई गई है। होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल या इवेंट मैनेजमेंट में 1 लाख रुपये से ज़्यादा का बिल होने पर पैन कार्ड दिखाना होगा। पहले यह सीमा 50,000 रुपये थी। प्रॉपर्टी के लेन-देन में भी यह सीमा दोगुनी कर दी गई है। अब 20 लाख रुपये से ज़्यादा की प्रॉपर्टी खरीदने, बेचने या गिफ्ट देने पर पैन देना होगा, जो पहले 10 लाख रुपये था।
एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को भी इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के रूप में स्वीकार किया जाएगा। यह डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इन सभी नियमों का मकसद टैक्स चोरी रोकना और डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना है।