फरवरी में कोर सेक्टर की रफ्तार तीन महीने में कम

नवभारत टाइम्स

देश के आठ मुख्य बुनियादी क्षेत्रों की उत्पादन वृद्धि फरवरी में घटकर 2.3 फीसदी रही। यह पिछले तीन महीनों में सबसे कम है। कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में गिरावट आई। खाद, सीमेंट और बिजली उत्पादन की विकास दर भी गिरी। कोयला और स्टील के उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी हुई।

core sector speed slows in february lowest in three months
नई दिल्ली: देश के आठ मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों की उत्पादन वृद्धि फरवरी में 2.3 फीसदी पर आ गई, जो पिछले तीन महीनों में सबसे कम है। यह गिरावट मुख्य रूप से कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में आई कमी के कारण हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल फरवरी में यह दर 3.4 फीसदी थी। इस साल फरवरी में खाद, सीमेंट और बिजली उत्पादन की वृद्धि दर भी क्रमशः 3.4 फीसदी, 9.3 फीसदी और 0.5 फीसदी तक गिर गई। हालांकि, कोयला और स्टील उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई। पूरे वित्तीय वर्ष (अप्रैल से फरवरी) की बात करें तो इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कुल उत्पादन वृद्धि 2.9 फीसदी रही, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में 4.4 फीसदी थी।

फरवरी महीने में देश के आठ प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों की रफ्तार धीमी पड़ गई। इन क्षेत्रों की उत्पादन वृद्धि घटकर 2.3 फीसदी रह गई। यह पिछले तीन महीनों में सबसे कम है। इसकी एक बड़ी वजह कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में आई गिरावट है। सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
पिछले साल इसी महीने, यानी फरवरी 2023 में, इन आठ क्षेत्रों की विकास दर 3.4 फीसदी दर्ज की गई थी। इस बार यह दर कम हो गई है।

इस साल फरवरी में खाद, सीमेंट और बिजली उत्पादन की विकास दर में भी कमी आई। खाद उत्पादन की विकास दर 3.4 फीसदी, सीमेंट की 9.3 फीसदी और बिजली उत्पादन की 0.5 फीसदी रही। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि इस दौरान कोयला और स्टील के उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

अगर पूरे वित्तीय वर्ष की बात करें, यानी अप्रैल 2023 से फरवरी 2024 तक, तो इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कुल उत्पादन वृद्धि 2.9 फीसदी रही है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में 4.4 फीसदी थी। यानी, पूरे साल के हिसाब से भी इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की रफ्तार थोड़ी धीमी रही है।