It psu Banks Surge Sensex nifty Rally But Inflation Concerns Remain
IT-PSU बैंकों में तेज़ी से चढ़ा बाज़ार, चिंता कायम
नवभारत टाइम्स•
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को तेजी देखी गई। आईटी, पीएसयू बैंकों और मेटल शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने की चिंता बनी हुई है। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़े हैं।
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को अच्छी रिकवरी देखने को मिली। आईटी, सरकारी बैंकों और मेटल शेयरों में हुई जोरदार खरीदारी की वजह से सेंसेक्स और निफ्टी करीब आधा फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने की चिंता अभी भी बनी हुई है। इसी वजह से बाजार दिन भर की पूरी बढ़त को बनाए नहीं रख सका। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम बढ़ गए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.88% बढ़कर 110.7 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 325.72 अंक यानी 0.44% की बढ़त के साथ 74,532.96 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 1,079.15 अंक यानी 1.45% तक उछलकर 75,286.39 के स्तर पर पहुंच गया था। इसी तरह, NSE निफ्टी 112.35 अंक यानी 0.49% चढ़कर 23,114.50 पर बंद हुआ। दिन के दौरान निफ्टी ने भी 343 अंकों की छलांग लगाई थी।बाजार में तेजी के बावजूद, HDFC बैंक के शेयरों में शुक्रवार को 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट बैंक के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफा देने के बाद आई है। BSE पर HDFC बैंक के शेयर 2.41% गिरकर 780.45 रुपये पर बंद हुए। गुरुवार को भी HDFC बैंक के शेयरों में 5 फीसदी से ज्यादा की बड़ी गिरावट आई थी, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने की चिंता बाजार पर हावी रही। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.88% बढ़कर 110.7 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह बढ़ती महंगाई की ओर इशारा करता है, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ सकता है।
आईटी, सरकारी बैंकों और मेटल शेयरों में हुई खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। इन सेक्टर्स में निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी आई। हालांकि, तेल की कीमतों का असर बाजार की पूरी बढ़त को बनाए रखने में नाकाम रहा।