वृंदावन केवल भू-भाग नहीं, दिव्यता और भक्ति का अनुभव है: राष्ट्रपति

Contributed byकपिल शर्मा|नवभारत टाइम्स

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वृंदावन को दिव्यता और भक्ति का अनुभव बताया। उन्होंने रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी ब्लॉक का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति ने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की और नीम करौरी आश्रम में हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने आश्रम का भ्रमण भी किया और बाबा की प्रसादी ग्रहण की।

वृंदावन केवल भू-भाग नहीं, दिव्यता और भक्ति का अनुभव है: राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वृंदावन को दिव्यता और भक्ति की भूमि बताया। उन्होंने कहा कि यह वह पावन धरा है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की गूंज सुनाई देती है और जो सदियों से संतों और भक्तों को आध्यात्मिक चेतना देती आ रही है। राष्ट्रपति ने यह बात वृंदावन स्थित रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल के नव निर्मित ऑन्कोलॉजी ब्लॉक के उद्घाटन के अवसर पर कही। राष्ट्रपति मुर्मू तीन दिन के प्रवास पर कान्हा की नगरी आई थीं।

अपने प्रवास के दूसरे दिन, राष्ट्रपति ने वृंदावन में श्रीहित राधाकेली कुंज पहुंचकर प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। उन्होंने संत को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा की। इसके बाद, राष्ट्रपति परिक्रमा मार्ग स्थित नीम करौरी आश्रम गईं। वहां उन्होंने हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और परिक्रमा लगाई।
राष्ट्रपति ने आश्रम में ध्यान कुटिया और संग्रहालय का भी भ्रमण किया। दर्शन और पूजन के बाद, आश्रम की ओर से उन्हें बाबा की प्रसादी के तौर पर कम्बल और चित्रपट (फोटो) भेंट किया गया। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि वृंदावन की भूमि निस्वार्थ प्रेम, करुणा और भक्ति के शाश्वत संदेश को देश-विदेश में फैलाती है।

ऑन्कोलॉजी ब्लॉक का उद्घाटन करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह ब्लॉक कैंसर के मरीजों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने रामकृष्ण मिशन के सेवा कार्यों की सराहना की और कहा कि यह संस्थान समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वृंदावन जैसे पवित्र स्थानों पर आकर उन्हें विशेष शांति और ऊर्जा मिलती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे वृंदावन की दिव्यता और भक्ति के अनुभव को अपने जीवन में उतारें।