93.53 के रेकॉर्ड निचले स्तर पर रु.

नवभारत टाइम्स

भारतीय रुपया शुक्रवार को 64 पैसे गिरकर 93.53 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। विदेशी निवेशकों ने लगातार पैसा निकाला है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी रुपये को कमजोर किया है। आरबीआई रेफरेंस रेट 93.34 रहा। यह गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।

rupee falls to record low of 9353 impacted by foreign investor outflows and rising crude oil prices
मुंबई: विदेशी निवेशकों के लगातार पैसा निकालने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 64 पैसे गिरकर 93.53 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया। आरबीआई रेफरेंस रेट के अनुसार, रुपये का भाव 93.34 रहा।

यह गिरावट विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय बाज़ारों से पैसा निकालने और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर है। इन दोनों वजहों ने रुपये पर भारी दबाव डाला, जिससे यह अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब विदेशी निवेशक किसी देश से अपना पैसा निकालते हैं, तो उस देश की मुद्रा पर दबाव पड़ता है। इसी तरह, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से भारत जैसे देश के लिए आयात महंगा हो जाता है, जिससे व्यापार घाटा बढ़ता है और रुपये की मांग कम हो जाती है।