n NBT न्यूज, होडल
अनाज मंडी में हुए कथित धान घोटाले के बाद मिल मालिकों द्वारा एफसीआई (FCI) के गोदामों में जमा कराए जा रहे करोड़ों रुपये के चावल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि एफसीआई अधिकारियों ने मिल मालिकों से मिलीभगत कर घटिया गुणवत्ता का चावल गोदाम में जमा करवा दिया। चावल की गुणवत्ता जांच में फेल होने के बाद एफसीआई के जिला प्रबंधक (DM) के.के. मीणा ने 6 के करीब अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन पर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश भी की है। साथ ही, गोदाम मैनेजर को हटाने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि गोदाम में जमा कराने लाए गए करीब साढ़े तीन हजार कट्टे चावल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके चलते एफसीआई ने इनका सैंपल रद्द करते हुए चावल लेने से इनकार कर दिया।
सोमवार को होडल से हजारों कट्टे चावल ट्रकों में भरकर एफसीआई गोदाम पहुंचाए गए थे। सूचना मिलने पर निरीक्षण के लिए पहुंचे डीएम के.के. मीणा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को चावल की जांच प्रक्रिया से हटाकर जांच के आदेश दे दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी सूरत में घटिया गुणवत्ता का चावल गोदाम में जमा नहीं होने दिया जाएगा। मीणा ने बताया कि सरकार द्वारा खरीदे गए धान से तैयार चावल गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा। करीब साढ़े तीन हजार कट्टे चावल वापस कर दिए गए हैं। 6 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।

