-स्मार्ट मीटर के लिए वसुंधरा तो लाइन की समस्या के लिए जाना होगा महाराजपुर और डेल्टा कॉलोनी
- नई कार्यप्रणाली से कार्यालय की बढ़ी दूरी
-उपभोक्ताओं को समस्याओं के लिए भटकना पड़ रहा
- हर इलाके में एक अधिकारी बैठाने के लिए लिखा शासन को लेटर
NBT रिपोर्ट, ट्रांस हिंडन : बिजली निगम की नई कार्यप्रणाली उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। पहले एक ही कार्यालय में सभी प्रकार की शिकायतों का समाधान हो जाता था। अब एक समस्या-एक कार्यालय व्यवस्था से अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के लिए वसुंधरा कार्यालय को नोडल बनाया गया है। 33 और 11 केवी लाइन से संबंधित समस्याओं के लिए महाराजपुर और डेल्टा कॉलोनी के कार्यालय निर्धारित किए गए हैं। यदि शालीमार गार्डन के किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर संबंधी समस्या है तो उसे वसुंधरा जाना पड़ता है। इसी तरह इंदिरापुरम वालों को बिजली कटौती या लाइन से जुड़ी शिकायत के लिए डेल्टा कॉलोनी जाना पड़ रहा है। इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को कई किलोमीटर का सफर करना पड़ रहा है। बता दें ट्रांस हिंडन में पांच मुख्य कार्यालय हैं।
जब पहुंचने लगी शिकायतें तो उठाया कदम
बिजली निगम के अधिकारियों के पास भी इस संबंध में हजारों शिकायतें पहुंच चुकी हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि नई प्रणाली ने सुविधाओं के बजाय प्रक्रिया जटिल बना दी है। बिजली निगम की टीम ने भी समस्या को देखकर शासन को महत्वपूर्ण प्रस्ताव भेजा है। एसई अखिलेश सिंह ने बताया कि प्रस्ताव के तहत हर क्षेत्र में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर स्तर के अधिकारी की तैनाती की मांग की गई है, जिससे उपभोक्ता अपने इलाके में जाकर शिकायत दर्ज करा सकें और समाधान भी स्थानीय स्तर पर हो सके। वहीं, बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर शासन से मंजूरी मिलती है, तो अप्रैल तक हर क्षेत्र में एक-एक अधिकारी की तैनाती शुरू हो सकती है।

