बाज़ार को झुलसाने लगीकच्चे तेल में लगी ‘आग’

नवभारतटाइम्स.कॉम

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजार को झुलसा दिया है। अप्रैल में थोक महंगाई दर 8.30% पर पहुंच गई है। यह पिछले 42 महीनों का उच्चतम स्तर है। एक महीने में ही महंगाई दर दोगुनी से ज्यादा बढ़ी है। इसका असर खुदरा महंगाई पर भी पड़ेगा।

market scorched by crude oil fire wholesale inflation rate at 42 month high

n NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली

पश्चिम एशिया संकट के चलते ईंधन की कीमतों में उछाल का असर बाजार पर दिखना शुरू हो गया है। कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने गुरुवार को बताया कि अप्रैल में थोक महंगाई दर 8.30% रही। यह पिछले 42 माह में सबसे ज्यादा है। एक माह में ही इसमें (मार्च 3.88%) दोगुने से ज्यादा उछाल आया है। पिछले साल से तुलना करें तो यह करीब 10 गुना ज्यादा है। पिछले साल अप्रैल में यह दर 0.85 % थी। अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, इसका असर आने वाले दिनों में खुदरा महंगाई पर भी पड़ेगा। खुदरा महंगाई पहले ही अप्रैल में बढ़कर 3.48% हो गई है।

सरकार ने बताया कि अप्रैल में महंगाई बढ़ने की वजह खनिज तेल, कच्चे तेल और नेचुरल गैस, बेसिक मेटल, अन्य मैन्युफैक्चरिंग और गैर-खाद्य उत्पादों की कीमतों में इजाफा होना है। आंकड़ों के मुताबिक, प्राइमरी आर्टिकल्स में थोक महंगाई दर सालाना आधार पर 9.17 प्रतिशत रही। फ्यूल ऐंड पावर में यह दर सालाना आधार पर 24.71 प्रतिशत और मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स में 4.62 प्रतिशत रही। हालांकि, खाद्य उत्पादों में महंगाई में नरमी बनी हुई है और अप्रैल में यह सालाना आधार पर 2.31 प्रतिशत रही है।