थानों को 'कबाड़' से मिलेगी मुक्ति

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शहर के थानों में लावारिस वाहनों की समस्या जल्द खत्म होगी। जिला और पुलिस प्रशासन बाहरी इलाकों में छह नए होल्डिंग एरिया बना रहा है। इससे थानों पर दबाव कम होगा और जब्त वाहनों का रखरखाव बेहतर होगा। पुराने होल्डिंग एरिया फुल हो चुके थे, जिससे थानों के बाहर जाम लगता था।

थानों को 'कबाड़' से मिलेगी मुक्ति

n अनुराग श्रीवास्तव, लखनऊ

शहर के थानों में सीज और सड़कों पर डंप पड़े लावारिस वाहनों के झंझट से अब जल्द ही निजात मिलने वाली है। जिला और पुलिस प्रशासन की तरफ से शहर के बाहरी इलाकों में छह नए होल्डिंग एरिया बनाए जा रहे हैं, जिसके लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। इन केंद्रों के बनने से न केवल थानों पर दबाव कम होगा, बल्कि जब्त किए गए वाहनों का रखरखाव भी बेहतर तरीके से हो सकेगा। योजना को बस अमलीजामा पहनाना बाकी है।

पुराने सेंटर फुल, थाने बन गए थे 'पार्किंग' : शहर में अब तक तीन होल्डिंग एरिया संचालित किए जा रहे हैं- मटियारी, कल्ली पश्चिम (नई पुलिस लाइन) और पी-4 पार्किंग (वृंदावन योजना)। ये तीनों एरिया लगभग फुल हो चुके हैं। डीसीपी रवीना त्यागी ने बताया कि सीज वाहनों को होल्डिंग एरिया तक ले जाने में पुलिस और ट्रैफिक कर्मियों को दिक्कत होती थी, इसलिए वे वाहनों को संबंधित थानों के बाहर ही पार्क कर देते थे। इससे थानों के बाहर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती थी।

बाउंड्रीवॉल और मौसम से बचाव के होंगे इंतजाम : डीसीपी रवीना त्यागी के मुताबिक, नए होल्डिंग एरिया बाउंड्रीवॉल और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था से लैस होंगे। इसके साथ ही धूप और बारिश से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए भी उचित प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पुराने होल्डिंग एरिया में खड़े सीज वाहनों की नीलामी विधिक प्रक्रिया, न्यायालयीय मामलों, स्वामित्व विवादों और दस्तावेजों की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद की जाएगी।