Dr Apj Abdul Kalam The Dream Of Flying In The Sky Awakened By Seeing Birds Became The Missile Man
कलाम का संकल्प
नवभारतटाइम्स.कॉम•
मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को बचपन से ही प्रकृति पसंद थी। उनके पिता नाव बनाते थे। इस कारण कलाम का अधिकतर समय समुद्र के आसपास बीतता। समुद्र की लहरों और आसमान में उड़ते पक्षियों को देखकर उनके मन में नए-नए सपने जन्म लेते। एक शाम वह एक पेड़ के पास बैठे थे। सूरज डूब रहा था और पक्षियां घोंसलों की ओर लौट रहे थे। कुछ पक्षी आसमान में कलाबाजियां दिखा रहे थे, तो कुछ धीमी गति से उड़ान भर रहे थे। कलाम देर तक उन्हें निहारते रहे। तभी उनके मन में सवाल उठा, क्या इंसान भी पक्षियों की तरह आसमान में उड़ सकता है? बस, यही सवाल उनके जीवन का सपना बन गया। उन्होंने ठान लिया कि वह ऐसे काम करेंगे, जिनसे आसमान की ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर मिले। इस सपने को साकार करने के लिए उन्होंने कठिन परिश्रम किया, चुनौतियों का सामना किया और विज्ञान की दुनिया में अलग पहचान बनाई। आगे चलकर कलाम ने भारत के मिसाइल और अंतरिक्ष कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका मानना था कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से अपने सपनों को सींचें तो वे अवश्य पूरे होंगे।