नवरात्रि में अष्टमी तिथि को लेकर अलग-अलग मत

नवभारतटाइम्स.कॉम•
navratri ashtami tithi october 18 or 19 know the auspicious time for worship and the reason for confusion
n NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली

नवरात्रि में इस बार अष्टमी तिथि और कन्या पूजन को लेकर संशय की स्थिति बन गई है। अष्टमी तिथि दो दिन रहने और उदय तिथि के आधार पर पर्व मनाने की परंपरा के चलते 18 और 19 अक्टूबर को लेकर अलग-अलग मत आ रहे हैं।
दिल्ली बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर के मुताबिक, देवी भागवत, मार्कण्डेय पुराण और परंपराओं में रात्रि के समय देवी पूजा का महत्व है। उनके अनुसार, पंचांग के मुताबिक 17 अक्टूबर को सूर्योदय के समय सप्तमी तिथि रहेगी। 18 अक्टूबर को सुबह अष्टमी शुरू होगी, जो 19 अक्टूबर की सुबह तक रहेगी। कई मंदिर ट्रस्ट और पंचांग उदय तिथि के आधार पर 19 को अष्टमी मान रहे हैं। कपूर का कहना है कि रात्रि में पूजा के महत्व को देखते हुए 18 अक्टूबर को महाअष्टमी मनाई जा सकती है। वहीं, 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी के संयोग में पूजा करने का विकल्प भी है। श्रद्धालु अपनी परंपरा के मुताबिक दोनों में से किसी दिन पूजा कर सकते हैं।

वहीं, आचार्य आशीष शास्त्री का कहना है कि पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को सुबह 8:27 से शुरू होकर 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी, जो 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे तक रहेगी। उनके मुताबिक, अष्टमी युक्त नवमी व्रत का विधान है और नवमी का व्रत 19 अक्टूबर को मान्य रहेगा। तिथि के समय और स्थानीय पंचांग के अनुसार श्रद्धालु कन्या पूजन की तारीख तय कर सकते हैं।