आयुर्वेदिक डॉक्टरों के फर्ज़ी रजिस्ट्रेशन में नया खुलासा, 15 और नाम आए सामने
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : यूपी में आयुर्वेदिक डॉक्टरों के फर्जी रजिस्ट्रेशन के मामले में दो महीने बाद नया खुलासा हुआ है। पहले 41 कथित फर्जी डॉक्टरों के नाम सामने आए थे, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। अब 15 और डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं। आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. शैलेश कुमार राय ने इन नामों की सूची जांच अधिकारी को सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। इससे फर्जी रजिस्ट्रेशन के मामले का दायरा बढ़ने की आशंका है।
डॉ.राय की ओर से 23 अक्टूबर को हुसैनगंज थाने में दी गई शिकायत में बोर्ड के रजिस्ट्रार समेत बड़े अधिकारियों और उनके कथित सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक, फर्जी मार्कशीट, डिग्री और इंटर्नशिप प्रमाणपत्र के आधार पर डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन करवाने का खेल चल रहा था। आरोप है कि इसके लिए प्रति रजिस्ट्रेशन 15 से 20 लाख रुपये तक वसूले गए। आयुर्वेद बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र राय की तरफ से जांच अधिकारी को सौंपी गई सूची में 15 नाम हैं। उनके साथ बोर्ड में दर्ज उनके रजिस्ट्रेशन नंबर का भी जिक्र करते हुए पुराने 41 मामलों की जांच के साथ इन नामों को भी जोड़ने की मांग की गई है।