Early Retirement Dream Unfulfilled 70 Urban Indians Want Pre retirement But Only 28 Prepared
जल्दी रिटायरमेंट का सपना, लेकिन तैयारी है अधूरी: रिपोर्ट
नवभारत टाइम्स•
NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली
रिटायरमेंट पर सोच बदल रही है। अब लोग 58-60 वर्ष की उम्र तक काम नहीं करना चाहते। एक स्टडी के मुताबिक, 10 में से 7 शहरी भारतीय तय समय से पहले रिटायर होने की इच्छा रखते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर FIRE ( फाइनैंशल इंडिपेंडेंस एंड रिटायर अर्ली) भी चर्चा में है। इसका मतलब है कि कम उम्र में ही इतना पैसा जुटा लेना, जिससे जीवनभर पैसों के लिए नौकरी करने की जरूरत न पड़े। हर दूसरा व्यक्ति 50 वर्ष की उम्र से पहले ही FIRE हासिल करना चाहता है।एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस और कांतार की ओर से इस बारे में बुधवार को एक स्टडी जारी की गई। 4000 से ज्यादा घरों में किए गए सर्वे में सामने आया कि जल्दी रिटायरमेंट की इस चाहत और वास्तविक तैयारी के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 82 प्रतिशत लोगों को लगता है कि नियमित आय की जरूरत के कारण वे शायद कभी पूरी तरह रिटायर नहीं हो पाएंगे। एक्सिस मैक्स लाइफ के एमडी और सीईओ सुमित मदान का कहना है कि लोगों को इस सिलसिले में फाइनैंशल और हेल्थ के साथ इमोशनल तैयारी भी करनी होगी। छोटे परिवारों में बच्चे दूर हो रहे हैं, लेकिन लोग भावनात्मक तौर पर तैयार नहीं। सर्वे में कुछ पॉजिटिव संकेत भी सामने आए हैं। जेन-जी रिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर ज्यादा जागरूक नजर आ रही है। 62 प्रतिशत युवा रिटायरमेंट निवेश शुरू कर चुके हैं। कुल मिलाकर हर दूसरा शहरी भारतीय पहली सैलरी के साथ ही रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करने के पक्ष में है।
स्टडी के मुताबिक, शहरी भारतीयों ने अपने टारगेट रिटायरमेंट फंड का सिर्फ 28 प्रतिशत ही जमा किया है। 39 प्रतिशत को लगता है कि शायद उनका फंड रिटायरमेंट के बाद पांच साल भी न चले। कामकाज पर आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का असर हमारी रिटायरमेंट प्लानिंग पर कितना असर डालेगा, इस पर लोग बंटे हुए हैं। कोई इसे अवसर मान रहा तो कोई इसे लेकर चिंतित है। 91 प्रतिशत लोगों को अफसोस है कि उन्होंने रिटायरमेंट के लिए निवेश की शुरुआत पहले नहीं की।