नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ी, निजी कारणों का दिया हवाला

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Navbharat Times
कोलकाता, 3 अगस्त। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र कुमार बोस ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) को अलविदा कह दिया। उन्होंने यह फैसला निजी कारणों का हवाला देते हुए लिया है। चंद्र कुमार बोस ने करीब चार महीने पहले ही TMC की सदस्यता ग्रहण की थी। उन्होंने TMC प्रमुख ममता बनर्जी को लिखे एक पत्र में अपने इस्तीफे की जानकारी दी।

अपने इस्तीफे में चंद्र कुमार बोस ने कहा, "मैं व्यक्तिगत कारणों से तत्काल प्रभाव से ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं आपको और एआईटीसी को भविष्य के सभी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता हूं।" यह कदम राज्य विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उठाया गया है। 12 अप्रैल को चंद्र कुमार बोस को आधिकारिक तौर पर TMC में शामिल किया गया था। उन्होंने तब भारतीय जनता पार्टी (BJP) छोड़कर ममता बनर्जी की पार्टी का दामन थामा था। उन्होंने BJP में शामिल होने के अपने फैसले को एक 'गलती' भी बताया था।
इससे पहले, चंद्र बोस केंद्र में BJP से तब निराश हुए थे जब उन्हें स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) सुनवाई के लिए बुलाया गया था। उन्होंने सवाल उठाया था कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का परपोता होने के बावजूद उनकी नागरिकता पर शक क्यों किया जा रहा है।

हालांकि, राज्य में सरकार बदलने के बाद TMC में अंदरूनी कलह शुरू हो गई है। पार्टी का एक बड़ा धड़ा अब राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी विधायकों के साथ चला गया है। पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी अब TMC के मूल, लेकिन अल्पसंख्यक गुट का नेतृत्व कर रही हैं। किसी भी गुट का साथ न देने का फैसला करते हुए चंद्र कुमार बोस ने पार्टी छोड़ दी।

चंद्र बोस का राजनीतिक सफर 2016 में शुरू हुआ था। तब उन्होंने हावड़ा में एक रैली के दौरान दिग्गज नेता अमित शाह की मौजूदगी में BJP का दामन थामा था। 2019 के Lok Sabha चुनाव में उन्होंने कोलकाता दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से BJP उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। लेकिन, उन्हें TMC की उम्मीदवार माला रॉय से हार का सामना करना पड़ा था। Lok Sabha चुनावों के बाद उन्होंने BJP से दूरी बना ली थी।

2021 के विधानसभा चुनाव के बाद चंद्र बोस सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे। उन्हें पार्टी की किसी भी गतिविधि में हिस्सा लेते हुए नहीं देखा गया था। TMC में शामिल होने से पहले, उन्होंने नागरिकता को लेकर उठाए गए सवालों पर BJP पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि एक स्वतंत्रता सेनानी के परिवार के सदस्य होने के नाते उनकी नागरिकता पर सवाल उठाना अपमानजनक है।

TMC में शामिल होने के उनके फैसले को कई लोगों ने चौंकाने वाला माना था, खासकर तब जब उन्होंने पहले BJP को 'गलती' कहा था। अब उनके इस इस्तीफे से राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि चंद्र कुमार बोस आगे किस राजनीतिक राह पर चलते हैं। उनके इस कदम से TMC के अंदरूनी समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है।