रोहन गुप्ता का आरोप: झारखंड पेपर लीक मामले में कांग्रेस, आप और सीजेपी की असलियत उजागर

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अहमदाबाद, 3 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने सोमवार को कहा कि पूरा देश झारखंड में पेपर लीक मामले से जुड़े घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस स्थिति ने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की असलियत उजागर कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश भर में आम लोग और छात्र उनकी 'चुनिंदा सक्रियता' को देख रहे हैं।

भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने सोमवार को झारखंड में पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूरा देश झारखंड में हो रही घटनाओं पर नजर रखे हुए है, और इससे इन पार्टियों की असलियत सामने आ रही है। गुप्ता ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "वे दिल्ली में तो सक्रिय राजनीति कर रहे थे, लेकिन मैं कांग्रेस, 'आप' और 'सीजेपी' से पूछना चाहता हूं कि क्या झारखंड देश का हिस्सा नहीं है? क्या झारखंड के छात्रों के कोई अधिकार नहीं हैं?" उन्होंने आरोप लगाया कि इन पार्टियों का रवैया उनके राजनीतिक मकसद को साफ तौर पर दिखाता है। गुप्ता के अनुसार, अगर इन पार्टियों की नीयत साफ होती तो वे झारखंड जाकर विरोध-प्रदर्शन करते और जवाबदेही की मांग करते, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि देश के लोग और छात्र उनकी इस 'चुनिंदा सक्रियता' को देख रहे हैं।
रोहन गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि आजादी के बाद से कई राजनीतिक पार्टियां छात्रों से जुड़े मुद्दों को हल करने में नाकाम रही हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादातर राजनीतिक पार्टियों ने छात्रों के लिए बहुत कम काम किया है और पेपर लीक रोकने के लिए कोई मजबूत कानून नहीं लाई हैं। गुप्ता ने कहा, "वे जहां भी सत्ता में हैं, छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चुप रहते हैं।" उन्होंने कर्नाटक और तेलंगाना का उदाहरण देते हुए कहा कि वे वहां भी पेपर लीक की घटनाओं पर चुप रहे। उन्होंने कहा, "हमने केरल में भी देखा है कि छात्रों को पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा। अब झारखंड में भी वैसी ही चुप्पी दिखाई दे रही है। इन सभी मुद्दों पर वे चुप रहते हैं।" गुप्ता के मुताबिक, इससे यह साबित होता है कि इन पार्टियों की मुख्य चिंता राजनीति है, छात्र नहीं।

कांग्रेस पर टिप्पणी करते हुए गुप्ता ने दावा किया कि पार्टी में सत्ता के लिए अंदरूनी खींचतान अक्सर सरकार बनने से पहले ही शुरू हो जाती है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस जहां भी सत्ता में होती है, सत्ता में आने से पहले ही सत्ता-बंटवारे की लड़ाई शुरू हो जाती है।" उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि अतीत में ऐसा देखा गया है, पांच साल पहले भी यही हुआ था, और यही एक वजह है कि लोगों ने कांग्रेस को नकार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी अंदरूनी गुटबाजी से चलती है और जमीनी हकीकत से कटी हुई है। गुप्ता के अनुसार, "उनके नेताओं के लिए सत्ता और उससे मिलने वाले फायदे ज्यादा अहम होते हैं, जबकि जनहित के मुद्दों को दरकिनार कर दिया जाता है।" उन्होंने कहा कि पंजाब में एक बार फिर इसका सबूत देखने को मिला है।

गुप्ता ने कांग्रेस पर महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर कथनी और करनी में अंतर होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "यही कांग्रेस की असलियत है।" उन्होंने आगे कहा, "वे संसद में महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जहां भी वे सत्ता में होते हैं, महिलाओं को अन्याय का सामना करना पड़ता है, इसीलिए लोग कांग्रेस पर भरोसा नहीं करते।" गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस की कथनी और करनी में साफ अंतर है।

इसके विपरीत, गुप्ता ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का ध्यान हमेशा जनहित के मुद्दों पर रहा है और वे जमीनी स्तर पर काम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक जैसे मुद्दों पर भाजपा गंभीर है और इसके समाधान के लिए कड़े कदम उठाने की पक्षधर है। गुप्ता ने कहा कि देश की जनता अब इन पार्टियों के दोहरे मापदंडों को समझ चुकी है और आने वाले समय में उन्हें इसका जवाब जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा छात्रों और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए खड़ी रहेगी और उनके मुद्दों को प्राथमिकता देगी।