कर्नाटक गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के बयान पर विवाद, पुलिस कांस्टेबल भर्ती उम्मीदवारों के विरोध पर की टिप्पणी

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Navbharat Times
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के एक बयान ने सोमवार को पुलिस कांस्टेबल भर्ती के उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन के बीच राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। भाजपा ने मंत्री पर बेरोजगार युवाओं के प्रति अहंकार और असंवेदनशीलता दिखाने का आरोप लगाया है और उनसे माफी की मांग की है। खड़गे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह परीक्षा के आयोजन को लेकर प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों के बारे में बात कर रहे थे। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि सरकार की जिम्मेदारी न केवल प्रदर्शनकारियों के प्रति है, बल्कि परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के प्रति भी है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रदर्शनकारी काबू में नहीं आए तो उन्हें हिरासत में लिया जाएगा और लाठीचार्ज भी किया जाएगा, जिसके बाद वह इस्तीफा दे देंगे।

सोमवार को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पुलिस कांस्टेबल भर्ती के उम्मीदवारों ने परीक्षा के आयोजन को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ उम्मीदवारों को हिरासत में भी लिया। जब इस मामले पर पत्रकारों ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे से सवाल पूछा, तो उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी सिर्फ प्रदर्शन करने वालों के प्रति ही नहीं है, बल्कि उन लाखों युवाओं के प्रति भी है जो परीक्षा दे रहे हैं।
गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा, "आप हमसे क्या उम्मीद करते हैं? हमारी जिम्मेदारी उनके प्रति भी है और उन लोगों के प्रति भी जो परीक्षा दे रहे हैं, है ना? जाहिर है, हमें कुछ लोगों को हिरासत में लेना पड़ा।" जब उनसे इस्तीफे की मांग की गई, तो उन्होंने कहा, "मैं इस्तीफा दे दूंगा। उन्हें 25 दिनों तक भूख हड़ताल करने दें। फिर, अगर वे काबू में नहीं आए, तो हम उन पर लाठीचार्ज करेंगे, और फिर हम इस्तीफा दे देंगे।"

भाजपा ने गृह मंत्री के इस बयान की कड़ी निंदा की है। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया कि मंत्री की टिप्पणियां अहंकार और नौकरी के उम्मीदवारों की चिंताओं के प्रति बेरुखी को दर्शाती हैं। उन्होंने एक बयान में कहा कि खड़गे की टिप्पणी से साफ पता चलता है कि उन्हें बेरोजगार युवाओं की कोई परवाह नहीं है।

आर. अशोक ने गृह मंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों ने यह मौका अपनी कड़ी मेहनत, लगन और उम्मीदों से हासिल किया है, न कि परिवार के असर से। उन्होंने यह भी कहा कि जिन्हें सत्ता विरासत में मिली है, वे शायद उनका दर्द न समझें।

विपक्ष के नेता आर. अशोक ने मांग की कि प्रियांक खड़गे राज्य के लाखों नौकरी के उम्मीदवारों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए माफी मांगें और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और सरकार पर दबाव बढ़ गया है।