कर्नाटक कैबिनेट विस्तार: 20 नए मंत्रियों ने ली शपथ, डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल

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बेंगलुरु, 3 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक में डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार हो गया है। इस विस्तार में 20 नए विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सभी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। हालांकि, इस विस्तार से पहले कांग्रेस में काफी नाराजगी दिखी। कुछ विधायकों ने इस्तीफा देने की धमकी दी, समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया और एक कार्यकर्ता ने तो विरोध में जहर भी खा लिया। यह सब तब हुआ जब कांग्रेस हाईकमान ने शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले अंतिम सूची में बदलाव किया। मनकल एस. वैद्य को हटाकर पूर्व मंत्री एसएस मल्लिकार्जुन को शामिल किया गया। इस फेरबदल से कई नेता नाराज हो गए, जिनमें इंडी के विधायक यशवंत रायगौड़ा पाटिल भी शामिल हैं, जिन्होंने इस्तीफा देने की बात कही।

कर्नाटक कैबिनेट का विस्तार आखिरकार हो गया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार में 20 नए चेहरों को मंत्री बनाया गया है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने इन सभी विधायकों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। जिन विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें एचसी बालकृष्ण, केएस बसवंथप्पा, डॉ. अजय सिंह, एन. चालुवरायस्वामी, बसवराज रायरेड्डी, लक्ष्मण सावदी, मधु बंगारप्पा, पीएम नरेंद्रस्वामी, शिवराज तंगदगी, रुद्रप्पा लमानी, बी. नागेंद्र, टी. रघू्मूर्ति, बीजेड जमीर अहमद खान, रिजवान अरशद, संतोष लाड, पुत्तरंगाशेट्टी, एसएस मलिकार्जुन, केएम शिवलिंगे गौड़ा, गायत्री शांतेगौड़ा और विजयानंद काशप्पनवर शामिल हैं।
लेकिन, इस मंत्रिमंडल विस्तार की राह आसान नहीं रही। सोमवार को कांग्रेस नेतृत्व द्वारा अंतिम समय में की गई कुछ फेरबदल से पार्टी के भीतर काफी असंतोष फैल गया। कई ऐसे विधायक जो मंत्री बनने की उम्मीद कर रहे थे, वे निराश हो गए। कुछ ने तो विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने तक की धमकी दे दी। उनके समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। एक पार्टी कार्यकर्ता ने तो विरोध में जहर खाकर अपनी जान देने की कोशिश की।

यह सब तब हुआ जब कांग्रेस हाईकमान ने शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले एक बड़ा नाटकीय बदलाव किया। पहले मंत्रियों की जो सूची तय हुई थी, उसमें से मनकल एस. वैद्य का नाम हटा दिया गया और उनकी जगह पूर्व मंत्री एसएस मल्लिकार्जुन को शामिल कर लिया गया। मध्य कर्नाटक के वरिष्ठ लिंगायत नेता मल्लिकार्जुन को मंत्रिमंडल में शामिल करने को पार्टी की क्षेत्रीय और सामुदायिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि, इस आखिरी वक्त में हुए बदलावों से कई नेता बेहद नाराज हो गए। इंडी के विधायक यशवंत रायगौड़ा पाटिल ने तो यहां तक कह दिया कि उन्होंने अपना इस्तीफा तैयार कर लिया है और वे इसे विधानसभा अध्यक्ष को सौंप देंगे। पाटिल ने कहा कि उन्हें आखिरी समय तक मंत्रिमंडल में जगह मिलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अंतिम सूची से उनका नाम हटा दिया गया। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "यह एक बड़ी साजिश है। मेरा नाम हटाए जाने से पता चलता है कि ईमानदार और निष्ठावान पार्टी कार्यकर्ताओं का समय नहीं है। कल तक नेतृत्व ने मुझे बताया था कि मेरा नाम सूची में है और शपथ ग्रहण समारोह के लिए तैयार रहने को कहा था। आखिरी समय में मेरा नाम हटा दिया गया। मैं अपने समर्थकों को क्या बताऊं?"

पाटिल ने यह भी दावा किया कि सोमवार सुबह हुई एक बैठक के बाद अंतिम सूची में बदलाव किया गया। उन्होंने बताया कि रणदीप सिंह सुरजेवाला, सिद्धारमैया और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार जैसे वरिष्ठ नेताओं ने बाद में उनके जिले के विधायकों को सूचित किया कि मंत्री एमबी पाटिल और शिवानंद पाटिल को शामिल किया गया है और उन पर बाद के चरण में विचार किया जाएगा। पाटिल ने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि आजादी के बाद से उनके निर्वाचन क्षेत्र को कभी भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।