उत्तर प्रदेश के विद्यालय बनेंगे राष्ट्रभक्ति के केंद्र, हर घर तिरंगा अभियान-2026 की तैयारी

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2026
उत्तर प्रदेश के स्कूल इस बार स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी का सबसे बड़ा मंच बनाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' और 15 अगस्त तक चलने वाले 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' को स्कूलों के माध्यम से एक बड़े जनआंदोलन का रूप देने की पूरी तैयारी कर ली है। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एक विस्तृत कार्ययोजना जारी की है। इसमें प्रदेश भर के स्कूलों में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, संविधान के प्रति सम्मान और तिरंगे के गौरव का संदेश हर घर तक पहुंचाना है।

अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि इस अभियान का लक्ष्य स्वतंत्रता दिवस को जनभागीदारी, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का एक बड़ा जन अभियान बनाना है। इसके तहत, सभी बेसिक और माध्यमिक स्कूलों में तय कार्यक्रमों का समय पर आयोजन किया जाएगा। हर गतिविधि में विद्यार्थियों की सबसे ज्यादा भागीदारी, समुदाय का सहयोग और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को सबसे ऊपर रखा जाएगा।
14 अगस्त को प्रदेश के सभी स्कूलों में 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाया जाएगा। इस दिन विद्यार्थियों को भारत के विभाजन की ऐतिहासिक वजहों, उसके लोगों पर पड़े दुखद असर और राष्ट्रीय एकता के महत्व के बारे में बताया जाएगा। स्कूलों में खास लेक्चर, चर्चाएं, प्रदर्शनियां और जागरूकता कार्यक्रम होंगे। इसका मकसद यह है कि नई पीढ़ी इतिहास से सीखे और देश की अखंडता, सामाजिक मेलजोल और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति संवेदनशील बने।

15 अगस्त तक चलने वाले 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' के तहत, विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। स्कूल इस अभियान को फैलाने का मुख्य केंद्र बनेंगे और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। इससे तिरंगे के सम्मान और देश के गौरव का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगा।

अभियान के तहत, स्कूलों में निबंध लेखन, चित्रकला, भाषण, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, देशभक्ति गीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रभात फेरी, तिरंगा यात्रा और अन्य रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के नियमों (राष्ट्रीय ध्वज संहिता), संविधान में बताए गए मूल कर्तव्यों और देश के निर्माण में नागरिकों की भूमिका के बारे में भी बताया जाएगा। इससे उनमें देश के प्रति जिम्मेदारी और गर्व की भावना और मजबूत होगी।

अभियान से जुड़ी गतिविधियों का बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से भी किया जाएगा। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे कार्यक्रमों की तस्वीरें और वीडियो तय प्लेटफॉर्म पर साझा करें। साथ ही, विद्यार्थियों और अभिभावकों को 'हर घर तिरंगा' अभियान के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और संविधान के प्रति सम्मान जैसे संस्कार विकसित करने का एक बहुत अच्छा तरीका है। उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश के विद्यालय इस अभियान के सबसे बड़े केंद्र बनेंगे। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी तिरंगे के सम्मान, स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों और विकसित इंडिया के संकल्प से जुड़े।" उन्होंने आगे कहा, "विद्यालयों से उठने वाला राष्ट्रगौरव का यह संदेश प्रत्येक घर तक पहुंचे और जनभागीदारी के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस एक सच्चे राष्ट्रीय उत्सव का स्वरूप ग्रहण करे।"

यह अभियान सिर्फ झंडा फहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना को जगाने का एक बड़ा अवसर है। स्कूलों में होने वाली ये गतिविधियां बच्चों को इतिहास से जोड़ेंगी और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करेंगी। 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' हमें याद दिलाएगा कि हमने कितनी मुश्किलों से आजादी पाई है और राष्ट्रीय एकता कितनी जरूरी है। वहीं, 'हर घर तिरंगा अभियान' हर घर को देशभक्ति के रंग में रंग देगा।

इस बार का स्वतंत्रता दिवस उत्तर प्रदेश के लिए एक खास मौका होगा, जहां पूरा प्रदेश एक साथ मिलकर राष्ट्रगान गाएगा, तिरंगे को सलाम करेगा और देश के प्रति अपने प्यार का इजहार करेगा। यह अभियान सुनिश्चित करेगा कि स्वतंत्रता दिवस सिर्फ एक छुट्टी का दिन न रहे, बल्कि यह देश के प्रति हमारे कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को याद दिलाने का एक महत्वपूर्ण अवसर बने। स्कूलों के माध्यम से यह संदेश हर घर तक पहुंचेगा और हर भारतीय को अपने देश पर गर्व करने का मौका मिलेगा।