केकड़ी: नशे में स्कूल पहुंचा शिक्षक, शिक्षा विभाग ने हटाया, जांच जारी

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Navbharat Times
केकड़ी जिले के सावर क्षेत्र के उंदरी गांव में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक भीमाराम शराब के नशे में स्कूल पहुंचे और क्लासरूम तक जाने की हालत में नहीं थे। वे स्कूल के मैदान में ही लेट गए, जिसे देखकर बच्चों ने आसपास के लोगों को बुलाया। लोगों ने उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन वे होश में नहीं आए। यह घटना बुधवार की है, जिसका वीडियो गुरुवार को सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने शिक्षक को स्कूल से हटा दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

यह चौंकाने वाली घटना बुधवार को उंदरी गांव के सरकारी स्कूल में हुई। शिक्षक भीमाराम, जो कथित तौर पर नशे में थे, स्कूल पहुंचे। उनकी हालत इतनी खराब थी कि वे बच्चों को पढ़ाने के लिए क्लासरूम तक नहीं जा सके। इसके बजाय, वे स्कूल के मैदान में ही लेट गए। यह देखकर स्कूल के बच्चे घबरा गए। उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी।
जब लोग स्कूल पहुंचे, तो उन्होंने शिक्षक को उठाने की कोशिश की। लेकिन वे नशे की हालत में इतने बेसुध थे कि उन्हें होश नहीं आया। इस बीच, किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। यह वीडियो गुरुवार को सामने आया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो वायरल होते ही शिक्षा विभाग हरकत में आ गया।

शिक्षा विभाग ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए शिक्षक भीमाराम को स्कूल से हटा दिया। विभाग ने यह भी बताया कि मामले की पूरी जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद, शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के अनुसार, शिक्षक भीमाराम करीब 27 सालों से इसी स्कूल में पढ़ा रहे थे। पिछले छह महीने से वे स्कूल में कार्यवाहक हेडमास्टर की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। वे बच्चों को गणित और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय पढ़ाते थे। ऐसे में, उनका नशे की हालत में स्कूल पहुंचना शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

गुरुवार को, अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गणपत लाल मीणा ने खुद इस मामले में हस्तक्षेप किया। उन्होंने शिक्षक भीमाराम को उंदरी स्कूल से हटाकर मीणों का नयागांव ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात कर दिया। विभाग ने इसे एक तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई बताया है।

अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गणपत लाल मीणा ने मीडिया को बताया, "हमने शिक्षक को स्कूल से हटाकर कार्यालय में लगा दिया है। मामले की जांच चल रही है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को भी दे दी गई है।

शिक्षक का इतने लंबे समय से एक ही स्कूल में तैनात होना और हाल ही में हेडमास्टर की जिम्मेदारी संभालना, इस मामले को और भी गंभीर बना देता है। बच्चों के सामने शिक्षक का इस तरह नशे में मिलना अभिभावकों के लिए भी चिंता का विषय है और वे इस पर नाराजगी जता सकते हैं।

फिलहाल, सभी की निगाहें शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट के आधार पर ही शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। वायरल वीडियो के बाद, शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि स्कूल में ड्यूटी के दौरान इस तरह की लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह घटना शिक्षकों के आचरण और शिक्षा की गुणवत्ता पर एक बार फिर बहस छेड़ देती है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग की जांच और कार्रवाई कितनी प्रभावी होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। यह मामला न केवल शिक्षक के भविष्य पर असर डालेगा, बल्कि पूरे शिक्षा विभाग के लिए एक सबक भी होगा।

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