जयपुर पोद्दार स्कूल की बदहाल व्यवस्था पर कांग्रेस का हल्लाबोल, शिक्षा विभाग की पाबंदी पर सवाल
जयपुर पोद्दार स्कूल की बदहाल व्यवस्था पर कांग्रेस का हल्लाबोल, शिक्षा विभाग की पाबंदी पर सवाल
NewsPoint•
जयपुर में पोद्दार स्कूल की बदहाल व्यवस्था और शिक्षा विभाग द्वारा मीडिया कवरेज पर लगाई गई कथित पाबंदी के विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों और नेताओं ने स्कूल का दौरा करने के बाद विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला और गेट पर ही धरना दिया। कांग्रेस का आरोप है कि मूक-बधिर विद्यार्थियों के लिए बने इस स्कूल में न तो अच्छी शिक्षा मिल रही है और न ही सुविधाएं। साथ ही, सरकार हकीकत को छुपाने के लिए मीडिया को भी रोक रही है।
जयपुर के मूक-बधिर पोद्दार स्कूल की जर्जर व्यवस्था और शिक्षा विभाग द्वारा मीडिया को इस मामले को कवर करने से रोकने के कथित फरमान के खिलाफ कांग्रेस ने गुरुवार को सरकार पर हल्ला बोल दिया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस के विधायक और पार्टी के कई बड़े नेता सुबह पोद्दार स्कूल पहुंचे। वहां उन्होंने स्कूल की मौजूदा हालातों का जायजा लिया। इसके बाद, कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पोद्दार स्कूल में मूक-बधिर बच्चों को अच्छी शिक्षा और जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। लंबे समय से स्कूल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस ने शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल से जुड़ी खबरों को मीडिया में आने से रोकने के फैसले को भी मुद्दा बनाया है। पार्टी का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था की कमियों को जनता के सामने लाना बहुत जरूरी है। मीडिया को सच दिखाने से रोकना गलत है।
पोद्दार स्कूल से कांग्रेस विधायक दल, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में विधानसभा की ओर रवाना हुआ। पैदल मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं और विधायकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जब मार्च विधानसभा के पास पहुंचा, तो कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में घुसने की कोशिश की। लेकिन, पुलिस ने विधानसभा के गेट नंबर 6 पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। उन्होंने वहीं बैठकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और पोद्दार स्कूल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा विभाग के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि मूक-बधिर बच्चों के लिए बने संस्थान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि वह स्कूल की व्यवस्थाओं की समीक्षा करे और बच्चों को जरूरी पढ़ाई और बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराए। मीडिया कवरेज पर कथित पाबंदी को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकारी स्कूलों में क्या चल रहा है, इसकी जानकारी जनता तक पहुंचना बहुत जरूरी है। मीडिया को खबरें दिखाने से रोकने के फैसले को कांग्रेस ने लोकतंत्र और पारदर्शिता के खिलाफ बताया।
विधानसभा के बाहर धरने के दौरान कांग्रेस विधायक दल ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इस प्रदर्शन की वजह से विधानसभा के गेट के बाहर राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग लगाई थी और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका यह आंदोलन सिर्फ पोद्दार स्कूल तक ही सीमित नहीं है। यह पूरे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और सरकार के काम करने के तरीके से जुड़े बड़े मुद्दों को लेकर है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देने के बजाय विरोध की आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस के इस प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा। गेट नंबर 6 पर बैरिकेडिंग होने के कारण कांग्रेस विधायकों को विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं मिल सका। इसके बाद विधायक बाहर ही धरने पर बैठ गए। फिलहाल, पोद्दार स्कूल की व्यवस्थाओं और मीडिया कवरेज पर कथित पाबंदी को लेकर कांग्रेस और सरकार के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ता हुआ दिख रहा है। कांग्रेस ने इन मुद्दों पर अपना विरोध जारी रखने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले को विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाए जाने की पूरी संभावना है।