यूएन महासचिव पद के उम्मीदवार: ओटुन्नु और ए-बाकी ने पेश किए अपने विजन, संघर्ष समाधान और नवीनीकरण पर जोर

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Navbharat Times
संयुक्त राष्ट्र में अगले महासचिव के चुनाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) ने दो प्रमुख उम्मीदवारों, युगांडा के ओलारा ओटुन्नु और इक्वाडोर की इवोन ए-बाकी के साथ महत्वपूर्ण बातचीत सत्र आयोजित किए। इन सत्रों में दोनों उम्मीदवारों ने दुनिया के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों से निपटने और संयुक्त राष्ट्र को मजबूत करने के अपने विजन को साझा किया। मौजूदा महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का कार्यकाल इस साल के अंत में समाप्त हो रहा है, और नए महासचिव 1 जनवरी, 2027 से अपना पदभार संभालेंगे।

बुधवार को हुई बातचीत में, युगांडा के राजनयिक ओलारा ओटुन्नु ने तत्काल वैश्विक संघर्षों को रोकने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे संघर्षों को रोकना बहुत जरूरी है जो पूरे क्षेत्रों और दुनिया को अपनी चपेट में ले सकते हैं। ओटुन्नु ने यूक्रेन संकट को समाप्त करने, गाजा में मानवीय संकट से निपटने, रवांडा और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के बीच शांति समझौते का समर्थन करने, सूडान में संघर्ष को खत्म करने के लिए अफ्रीकी संघ और अन्य वैश्विक सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने का वादा किया। इसके अलावा, उन्होंने ईरान में शांति समझौते के लिए चल रही कूटनीतिक कोशिशों का समर्थन करने और हॉर्न ऑफ अफ्रीका व साहेल क्षेत्र में आतंकवाद-विरोधी प्रयासों को और बेहतर और एकजुट बनाने की बात कही। ओटुन्नु ने मानवाधिकारों पर आम सहमति बनाने, संयुक्त राष्ट्र में सुधार लाने, वित्तीय संकट को कम करने और संयुक्त राष्ट्र के लिए फंडिंग के नए तरीके खोजने का भी वादा किया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से मिलने वाले अवसरों का लाभ उठाने, संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय संगठनों के बीच सहयोग बढ़ाने और दुनिया के लोगों को संयुक्त राष्ट्र से फिर से जोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता जताई।
गुरुवार को हुई बातचीत में, इक्वाडोर की राजनयिक इवोन ए-बाकी ने खुद को एक मैनेजर के बजाय एक लीडर के रूप में प्रस्तुत किया। टोंगा द्वारा नॉमिनेट की गईं ए-बाकी ने कहा, "मैनेजर वह होता है जो मिशन स्टेटमेंट का पालन करता है। लीडर वह होता है जो 'नॉर्थ स्टार' (ध्रुव तारे) का अनुसरण करता है। इस वैश्विक संस्था के लिए मेरा 'नॉर्थ स्टार' जरूरी नहीं कि सुधार ही हो। यह नवीनीकरण है। शांति बनाने और युद्ध रोकने के वादे का नवीनीकरण। मानवीय गरिमा और सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देने के वादे का नवीनीकरण और उस विजन का नवीनीकरण कि यूएन वह संस्था बन सकती है जहां दुनिया के देश अकेले काम करने की तुलना में मिलकर बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं।" उन्होंने सीधे और सौंपे गए शांति-स्थापना और शांति-निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने, सुरक्षा परिषद के आधुनिकीकरण, विकास से जुड़े कर्ज को सुलझाने और फाइनेंस के रास्ते खोलने तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में मानवीय गरिमा की रक्षा करने का वादा किया।

यूएनजीए ने अप्रैल के अंत में ही अगले यूएन महासचिव पद के उम्मीदवारों के साथ बातचीत के सत्र शुरू कर दिए थे। अब तक, अन्य छह उम्मीदवारों ने भी इन सत्रों में भाग लिया है। यह प्रक्रिया संयुक्त राष्ट्र के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इन सत्रों का उद्देश्य उम्मीदवारों के विचारों और योजनाओं को समझना है ताकि सबसे योग्य व्यक्ति का चुनाव किया जा सके।

यह चुनाव प्रक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया इस समय कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, जैसे कि युद्ध, जलवायु परिवर्तन, और आर्थिक असमानता। ऐसे में, एक ऐसे महासचिव की आवश्यकता है जो इन चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सके और दुनिया को एकजुट कर सके। दोनों उम्मीदवारों ने अपनी बातचीत में इन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है और समाधान प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।

ओटुन्नु ने संघर्षों को रोकने और शांति स्थापित करने पर जोर दिया, जबकि ए-बाकी ने नवीनीकरण और मानवीय गरिमा की रक्षा को अपना मुख्य लक्ष्य बताया। दोनों के विचार अलग-अलग पहलुओं पर केंद्रित हैं, लेकिन दोनों का अंतिम उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र को मजबूत करना और दुनिया में शांति व प्रगति लाना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा उम्मीदवार इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में अधिक सफल होता है।

यह प्रक्रिया यह भी दर्शाती है कि संयुक्त राष्ट्र अपने सदस्यों की चिंताओं को सुन रहा है और एक पारदर्शी तरीके से नए नेतृत्व का चयन करने का प्रयास कर रहा है। अगले महासचिव का चुनाव दुनिया के लिए एक नई उम्मीद लेकर आएगा।

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