अमेरिका ने कतर को 4.5 अरब डॉलर के लड़ाकू विमानों की बिक्री को मंजूरी दी, जानें क्या है खास
अमेरिका ने कतर को 4.5 अरब डॉलर के लड़ाकू विमानों की बिक्री को मंजूरी दी, जानें क्या है खास
NewsPoint•
वॉशिंगटन, 21 अगस्त: अमेरिका ने कतर को 4.5 अरब डॉलर के बड़े हथियार सौदे को मंजूरी दे दी है। इस सौदे के तहत कतर अमेरिका से चार केसी-46ए टैंकर विमान खरीदेगा, जो हवाई जहाज को हवा में ही ईंधन भरने की क्षमता रखते हैं। इसके साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण उपकरण और सेवाएं भी शामिल हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है, और अमेरिका ने ईरान पर कड़े प्रतिबंधों की चेतावनी दी है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने यह जानकारी देते हुए बताया कि ट्रंप प्रशासन ने कतर को केसी-46ए एरियल रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट और उससे जुड़े उपकरणों की संभावित बिक्री को हरी झंडी दिखा दी है। इस पूरे सौदे की अनुमानित कीमत 4.5 अरब डॉलर है। समाचार एजेंसी स िन्हुआ के अनुसार, कतर ने अधिकतम चार केसी-46ए विमान खरीदने की इच्छा जताई है। इन विमानों के अलावा, कतर आठ पीडब् ल् यू4062 टर्बोफैन इंजन भी खरीदेगा, जिनमें चार अतिरिक्त (स्पेयर) इंजन होंगे। साथ ही, रडार चेतावनी रिसीवर, इन्फ्रारेड काउंटरमेजर सिस्टम और अन्य जरूरी उपकरण और सहायता सेवाएं भी इस सौदे का हिस्सा होंगी।विदेश विभाग का कहना है कि कतर को इन सभी उपकरणों और सेवाओं को अपनी सेना में शामिल करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। यह भी साफ किया गया है कि इस प्रस्तावित बिक्री से क्षेत्र में मौजूदा सैन्य संतुलन पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। विदेश विभाग के ब्यूरो ऑफ पॉलिटिकल-मिलिट्री अफेयर्स ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, "यह प्रस्तावित बिक्री कतर की वर्तमान और भविष्य की खतरों से निपटने की क्षमता को और मजबूत करेगी। इससे उनकी रक्षा क्षमताएं बढ़ेंगी, अमेरिकी और सहयोगी देशों की सेनाओं के साथ उनका तालमेल बेहतर होगा और क्षेत्रीय सुरक्षा में कतर की रणनीतिक भूमिका और भी मजबूत होगी।"
इस बड़े सौदे में कई तरह के तकनीकी उपकरण भी शामिल हैं। इनमें मिसाइल चेतावनी सेंसर, कार्ट्रिज-एक्चुएटेड डिवाइस, प्रोपेलेंट-एक्चुएटेड डिवाइस, कंट्रोल इंटरफेस यूनिट, यूजर डेटा मॉड्यूल कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर डेटाबेस सपोर्ट, केआईवी-77 क्रिप्टो मॉड्यूल, केवाई-100एम क्रिप्टो टर्मिनल और अन्य पुर्जे शामिल हैं। ये सभी उपकरण कतर की सैन्य शक्ति को बढ़ाने में मदद करेंगे।
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। इस तनाव की एक बड़ी वजह अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किया गया युद्ध बताया जा रहा है, जो फरवरी के अंत में शुरू हुआ था और जिसमें हजारों लोगों की जान जा चुकी है। इस युद्ध के जवाब में, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बनाया था।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 'बेहद कड़े प्रतिबंधों' का सामना करने की चेतावनी दी है। हालांकि, उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य के महत्व को कम करके भी दिखाया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में ऊर्जा उत्पादन बढ़ने और नए आपूर्ति मार्गों के कारण दुनिया की इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर निर्भरता कम हो गई है।
जब व्हाइट हाउस में तेहरान के खिलाफ संभावित नए कदमों के बारे में पूछा गया, तो ट्रंप ने कहा, "हमारे पास ऐसे कई विकल्प हैं जिन पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। हमारे पास बेहद कड़े प्रतिबंध हैं और आगे क्या होता है, यह देखेंगे।" राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही अभी भी जारी है। यह जलमार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
ट्रंप ने कहा, "फिलहाल यह जलडमरूमध्य खुला है। यहां से बहुत सारे जहाज गुजर रहे हैं, लेकिन लोग इसकी रिपोर्ट नहीं कर रहे हैं। भविष्य में इसमें थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन अभी काफी जहाज यहां से आ-जा रहे हैं।" राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की वजह से कई जहाज देश तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई आंकड़े पेश नहीं किए। यह पूरा घटनाक्रम क्षेत्र की अस्थिरता और अमेरिका की विदेश नीति के बदलते समीकरणों को दर्शाता है।