पीयूष गोयल ने सिंगापुर में चेक प्वाइंट सीईओ से की मुलाकात, साइबर सुरक्षा और Ai पर चर्चा
पीयूष गोयल ने सिंगापुर में चेक प्वाइंट सीईओ से की मुलाकात, साइबर सुरक्षा और AI पर चर्चा
NewsPoint•
नई दिल्ली, 21 अगस्त। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सिंगापुर में वैश्विक साइबर सुरक्षा कंपनी चेक प्वाइंट सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज के सीईओ नादव जफरीर से मुलाकात की। इस मुलाकात में भारत में कंपनी की बढ़ती भागीदारी, साइबर सुरक्षा में सहयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित सुरक्षा समाधानों पर विस्तार से चर्चा हुई। भारत में इजरायल के राजदूत रियुवेन अजार ने एक्स पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बैठक में भारत में चेक प्वाइंट की अनुसंधान और विकास (R&D) गतिविधियों को बढ़ाने और देश की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को सुरक्षित रखने के लिए एआई-आधारित सुरक्षा प्रणालियों के इस्तेमाल पर भी बात हुई। अजार के अनुसार, दोनों पक्षों ने साइबर सुरक्षा, डिजिटल विश्वास और एआई-संचालित नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और टेक्नोलॉजी-आधारित विकास को सुरक्षित और मजबूत बनाना है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत डिजिटल भुगतान, डिजिटल पहचान, ऑनलाइन सरकारी सेवाओं और डेटा-आधारित सार्वजनिक सेवाओं के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में से एक बन गया है। ऐसे में, इन प्रणालियों को बढ़ते साइबर खतरों से बचाना एक बड़ी प्राथमिकता है।
सिंगापुर यात्रा के दौरान, पीयूष गोयल लगातार भारत और एशियाई देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दे रहे थे। उन्होंने भारत-सिंगापुर बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए भारत की मजबूत आर्थिक प्रगति, निवेश के अवसरों और कारोबार को आसान बनाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों पर प्रकाश डाला। गोयल ने सिंगापुर की विदेश एवं व्यापार-उद्योग राज्य मंत्री गैन सियो हुआंग और अन्य अधिकारियों के साथ एक विशेष कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना था। उन्होंने बताया कि इस पहल से जैविक उत्पाद, ताजे फल और सब्जियां, जमे हुए फल और सब्जियां, दुग्ध उत्पाद, काजू, चावल और मोटे अनाज जैसे उत्पादों को सिंगापुर में बढ़ावा मिलेगा। इससे भारतीय किसानों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए सिंगापुर, आसियान देशों और ऑस्ट्रेलिया के बाजारों में नए अवसर खुलेंगे।इसके अलावा, पीयूष गोयल ने ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोपनेंदु मोहंती से भी मुलाकात की। इस मुलाकात में वित्तीय नवाचार, प्रौद्योगिकी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के उभरते क्षेत्रों में भारत-सिंगापुर सहयोग को और बढ़ाने पर चर्चा हुई। उन्होंने केपेल इंफ्रास्ट्रक्चर की सीईओ सिंडी लिम से भी मुलाकात की और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
सिंगापुर यात्रा के दौरान पीयूष गोयल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के साथ चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन में भी भाग लिया। इस उच्च-स्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच निवेश, प्रौद्योगिकी, डिजिटल अर्थव्यवस्था, कौशल विकास, कनेक्टिविटी और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
यह मुलाकातें भारत की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। भारत अपनी डिजिटल अर्थव्यवस्था को तेजी से बढ़ा रहा है, जिसमें साइबर सुरक्षा एक अहम भूमिका निभाती है। चेक प्वाइंट जैसी कंपनियों के साथ सहयोग भारत को उन्नत सुरक्षा समाधानों तक पहुंचने में मदद करेगा। एआई-आधारित सुरक्षा प्रणालियां साइबर हमलों का पता लगाने और उन्हें रोकने में अधिक प्रभावी साबित हो सकती हैं।
भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, जिसमें डिजिटल भुगतान प्रणाली (जैसे यूपीआई), डिजिटल पहचान (जैसे आधार) और विभिन्न सरकारी सेवाएं शामिल हैं, दुनिया भर में अपनी तरह की सबसे बड़ी अवसंरचनाओं में से एक है। इन प्रणालियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना देश की आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के विश्वास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। साइबर सुरक्षा में सहयोग से भारत इन प्रणालियों को मजबूत बना सकता है और भविष्य के खतरों से निपटने के लिए तैयार रह सकता है।
पीयूष गोयल की सिंगापुर यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पहलू भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना था। सिंगापुर एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है और भारतीय उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है। भारतीय उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि भारत के निर्यात में भी वृद्धि होगी। जैविक उत्पादों, ताजे और जमे हुए फलों व सब्जियों, दुग्ध उत्पादों, काजू, चावल और मोटे अनाज जैसे उत्पादों की सिंगापुर में मांग बढ़ने से भारतीय कृषि क्षेत्र को काफी लाभ होगा।
वित्तीय नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत-सिंगापुर सहयोग भी महत्वपूर्ण है। डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास के साथ, वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) का महत्व बढ़ रहा है। भारत और सिंगापुर फिनटेक में सहयोग करके वित्तीय सेवाओं को अधिक सुलभ और कुशल बना सकते हैं। बुनियादी ढांचे में निवेश और सहयोग भी भारत के विकास के लिए आवश्यक है। केपेल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी कंपनियों के साथ चर्चा से भारत में बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिल सकती है।
कुल मिलाकर, पीयूष गोयल की सिंगापुर यात्रा भारत के लिए बहुआयामी लाभ लेकर आई है। इसने साइबर सुरक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था, कृषि निर्यात और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत किया है। यह यात्रा भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और वैश्विक आर्थिक मंच पर अपनी स्थिति को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।