गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने न्यू जर्सी में गुजराती डायस्पोरा से राज्य की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान किया
गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने न्यू जर्सी में गुजराती डायस्पोरा से राज्य की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान किया
NewsPoint•
न्यू जर्सी, 23 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने अमेरिका दौरे के सातवें दिन न्यू जर्सी में 'गरवी गुजरात ग्लोबल न्यू जर्सी' कार्यक्रम में प्रवासी गुजरातियों से राज्य की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बनने का आग्रह किया। उन्होंने युवा उद्यमियों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख लोगों के साथ 'यंग सीईओ मीट' में भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने बताया कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात आज देश का ग्रोथ इंजन बन गया है। उन्होंने गुजरात के आर्थिक योगदान, भविष्य की योजनाओं, 'विकसित गुजरात 2047' के लक्ष्य, गिफ्ट सिटी और डेटा सेंटर जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में राज्य की प्रगति, एमएसएमई क्षेत्र के विस्तार, औद्योगिक और निर्यात में गुजरात की मजबूत स्थिति, फार्मा और डायमंड एक्सपोर्ट में हिस्सेदारी, स्टार्टअप में अग्रणी भूमिका, 'मेक इन इंडिया' और 'मेक फॉर द वर्ल्ड' की सोच, पारदर्शी नीतियों, नई औद्योगिक नीति, मजबूत वित्तीय आधार और आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अमेरिका और कनाडा में बसे गुजराती और भारतीय समुदाय को गुजरात में निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने न्यू जर्सी में प्रवासी गुजरातियों को संबोधित करते हुए कहा कि गुजरात की विकास यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से शुरू हुई और आज यह राज्य देश के ग्रोथ इंजन के रूप में स्थापित हो गया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2001 में जब नरेंद्र मोदी ने गुजरात की कमान संभाली थी, तब राज्य बिजली, पानी, सड़क और तटीय क्षेत्रों जैसी कई समस्याओं से जूझ रहा था। इन चुनौतियों से निकालकर गुजरात को विकास की नई दिशा दी गई। आज गुजरात देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 6 प्रतिशत और आबादी का 5 प्रतिशत हिस्सा रखने वाला गुजरात, देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में करीब 8.2 प्रतिशत का योगदान देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात का लक्ष्य वर्ष 2030 तक राज्य के इस योगदान को 10 प्रतिशत से अधिक तक ले जाना है।गुजरात सिर्फ वर्तमान विकास पर ही ध्यान नहीं दे रहा है, बल्कि भविष्य को भी ध्यान में रखकर योजनाएं बना रहा है। वर्ष 2047 तक 'विकसित गुजरात' बनाने के लक्ष्य के साथ, राज्य ने एक खास रोडमैप तैयार किया है। इस रोडमैप के तहत गुजरात को छह जोन में बांटा गया है। हर जोन के लिए संभावित फोकस सेक्टर, विकास की संभावनाएं और दीर्घकालिक विकास-उन्मुख लक्ष्य तय किए गए हैं। अब इन योजनाओं को हकीकत में बदलने का काम शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री ने गुजरात के दूरदर्शी विजन का एक बेहतरीन उदाहरण देते हुए कहा कि गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) को वैश्विक फाइनेंस और फिनटेक सिटी बनाने का विचार 2006-07 के आसपास आया था। उस समय इतनी दूर की सोच रखना, गुजरात के विकास के विजन को दर्शाता है। आज गिफ्ट सिटी दुनिया भर में अपनी एक खास पहचान बना चुकी है और इसका फायदा गुजरात के युवाओं सहित पूरे राज्य को मिल रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था में डेटा सेंटर का महत्व लगातार बढ़ रहा है। गुजरात ने इस क्षेत्र की संभावनाओं को समय रहते पहचान लिया और इसके लिए डेटा सेंटर पॉलिसी बनाई है। आने वाले समय में गुजरात डेटा सेंटर के क्षेत्र में भी देश का नेतृत्व करेगा, इसके लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने गुजरात में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र के विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य में 2001-02 में लगभग 1.85 लाख MSME थे, जो आज बढ़कर लगभग 27.9 लाख हो गए हैं। MSME सेक्टर राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है।
गुजरात के औद्योगिक और निर्यात क्षेत्र के योगदान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात देश के कुल औद्योगिक उत्पादन में 17 प्रतिशत और देश के कुल निर्यात में 27 प्रतिशत का योगदान देता है। देश के कुल कार्गो हैंडलिंग में गुजरात की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। इसके अलावा, केमिकल उद्योग में गुजरात की हिस्सेदारी लगभग 33 प्रतिशत, फार्मा क्षेत्र में लगभग 30 प्रतिशत, मैन-मेड फाइबर उत्पादन में लगभग 50 प्रतिशत और डेनिम उत्पादन में लगभग 65 प्रतिशत है। गुजरात देश के फार्मा एक्सपोर्ट में लगभग 19.2 प्रतिशत और डायमंड एक्सपोर्ट में लगभग 80 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि गुजरात स्टार्टअप क्षेत्र में भी लगातार आगे रहा है। राज्य स्टार्टअप रैंकिंग में पिछले चार वर्षों से देश में पहले स्थान पर बना हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गुजरात की पॉलिसी फ्रेमवर्क 'मेक इन इंडिया' और 'मेक फॉर द वर्ल्ड' के विजन को और मजबूत बनाती है। गुजरात की विकास यात्रा में पारदर्शिता और स्पष्ट नीतियों को महत्वपूर्ण आधारस्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र के लिए सेक्टर-स्पेसिफिक पॉलिसी और निवेशकों के अनुकूल पॉलिसी फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि 'विकसित गुजरात 2026' के लिए नई औद्योगिक नीति के जरिए राज्य में निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए ज्यादा अनुकूल माहौल बनाया गया है। सेक्टर-स्पेसिफिक नीतियों के अलावा, नई औद्योगिक नीति को इस तरह से तैयार किया गया है कि यह विभिन्न प्रकार के निवेशकों और उद्योगों के लिए फायदेमंद साबित हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए एक मजबूत वित्तीय आधार बहुत जरूरी है। गुजरात में प्रधानमंत्री मोदी के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनुशासन और मजबूत वित्तीय प्रबंधन की नींव रखी गई थी। इसके परिणामस्वरूप, आज गुजरात वित्तीय अनुशासन और प्रबंधन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि गुजरात को और भी मजबूत बनाने के लिए विकास और वित्तीय सक्षमता, दोनों को साथ लेकर राज्य आगे बढ़ रहा है।
आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के 11वें संस्करण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने अमेरिका और कनाडा में बसे गुजराती और भारतीय समुदाय को गुजरात में ऐसे निवेश के अवसरों का लाभ उठाने का आमंत्रण दिया।
'यंग सीईओ मीट' के दौरान मुख्यमंत्री ने अमेरिका में काम कर रहे युवा उद्यमियों, सीईओ, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों के बिजनेस लीडर्स के साथ गुजरात के विकास और निवेश की संभावनाओं के बारे में विस्तार से बातचीत की। इस दौरान गुजरात में निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों, राज्य की निवेशक-अनुकूल नीतियों और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा हुई। युवा उद्यमियों के साथ हुई बातचीत में नई टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, फिनटेक, डिजिटल इकोनॉमी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, मैन्युफैक्चरिंग, फार्मास्युटिकल्स, सेमीकंडक्टर और अन्य उभरते क्षेत्रों में गुजरात में मौजूद संभावनाओं पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने गुजरात में उद्योगों के लिए बनाए गए अनुकूल इकोसिस्टम, पारदर्शी नीतिगत ढांचा, कुशल मानवबल और विश्व स्तरीय कनेक्टिविटी की जानकारी देते हुए उपस्थित सभी युवा सीईओ को गुजरात के साथ नई साझेदारी और निवेश के अवसर तलाशने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि गुजरात एक ऐसा राज्य है जो भविष्य की ओर देख रहा है और नवाचार तथा विकास के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करता है। प्रवासी गुजरातियों और भारतीय समुदाय को राज्य के विकास में भागीदार बनने का उनका आह्वान, गुजरात के प्रति उनके गहरे जुड़ाव और राज्य के उज्ज्वल भविष्य में उनके विश्वास को दर्शाता है।