दिल्ली-एनसीआर में मौसम का बदला मिजाज: मानसून ट्रफ की सक्रियता से बारिश और उमस का दौर जारी

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Navbharat Times
दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, जहां कभी तेज धूप और उमस लोगों को बेहाल कर रही है, तो वहीं अचानक बादल छाने और बारिश से मौसम सुहावना हो रहा है। इस बदलते मौसम की वजह मानसून ट्रफ का सक्रिय होना, उत्तर प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाएं हैं। इन मौसमी सिस्टम के चलते दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में बादल छाए हुए हैं और बारिश का दौर जारी है। हालिया बारिश से तापमान में तो थोड़ी राहत मिली है, लेकिन हवा में नमी ज्यादा होने के कारण बारिश रुकने के बाद उमस भरी गर्मी फिर से परेशान कर रही है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा, बल्कि बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और हल्की से मध्यम बारिश या बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रह सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, 24 अगस्त को आसमान में ज्यादातर बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 25 अगस्त को भी अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री के आसपास रह सकता है, और मौसम आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा, जिसमें हल्की बारिश या बूंदाबांदी की उम्मीद है। इसके बाद, 26 अगस्त को अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रहने का अनुमान है, जबकि आर्द्रता (हवा में नमी) 75 से 60 प्रतिशत के बीच रह सकती है। इस दिन आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। 27, 28 और 29 अगस्त को भी तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस अधिकतम और 26-27 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम रहने का पूर्वानुमान है। 26 से 29 अगस्त तक मौसम मुख्य रूप से आंशिक रूप से बादल छाए रहने वाला बताया गया है।
बारिश का असर हवा की गुणवत्ता पर भी देखने को मिल रहा है। बारिश और नमी के कारण हवा में मौजूद धूल-कण नीचे बैठ गए हैं, जिससे कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) संतोषजनक स्तर तक पहुंच गया है। दिल्ली के मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों के मुताबिक, आनंद विहार का AQI 233 दर्ज किया गया, जो कई अन्य इलाकों की तुलना में काफी ज्यादा है। वहीं, अशोक विहार का AQI 97, आया नगर का 100, बवाना का 127, कैंटोनमेंट एरिया का 102, चांदनी चौक का 109, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का 83, मथुरा रोड का 101 और डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज का 88 दर्ज किया गया। इससे यह साफ है कि राजधानी के अलग-अलग इलाकों में हवा की गुणवत्ता में काफी अंतर है।

नोएडा में भी चारों सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों पर अलग-अलग AQI दर्ज किए गए। सेक्टर-125 में AQI 186 रहा, जो शहर के अन्य प्रदर्शित स्टेशनों की तुलना में सबसे अधिक है। वहीं, सेक्टर-62 में 87, सेक्टर-1 में 104 और सेक्टर-116 में 124 AQI दर्ज किया गया। गाजियाबाद के पांच सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों पर भी हवा की गुणवत्ता में अंतर देखा गया। गोविंदपुरम में AQI 47, इंदिरापुरम में 82, लोनी में 124, संजय नगर में 49 और वेद विहार-लोनी में 104 दर्ज किया गया। इसका मतलब है कि गाजियाबाद के गोविंदपुरम और संजय नगर में हवा अपेक्षाकृत बेहतर थी, जबकि लोनी और वेद विहार-लोनी में प्रदूषण का स्तर अधिक था।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कई दिनों तक बादल, नमी और बीच-बीच में होने वाली बारिश के कारण तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना कम है। हालांकि, बारिश के बाद जब धूप निकलेगी तो उमस बढ़ सकती है। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आने वाले दिनों में कहीं बारिश, कहीं धूप और कहीं उमस वाला मिला-जुला मौसम देखने को मिल सकता है।

यह मौसमी बदलाव कई कारणों से हो रहा है। पहला, मानसून ट्रफ, जो एक निम्न दबाव वाली रेखा है, सक्रिय है। दूसरा, उत्तर प्रदेश के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। तीसरा, बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी वाली हवाएं आ रही हैं। इन तीनों चीजों के मेल से दिल्ली और आसपास के इलाकों में बादल छा रहे हैं और बारिश हो रही है।

बारिश के बाद हवा साफ हो जाती है क्योंकि पानी हवा में मौजूद धूल और प्रदूषण के कणों को नीचे बैठा देता है। यही वजह है कि कई जगहों पर AQI बेहतर हुआ है। AQI एक पैमाना है जो बताता है कि हवा कितनी साफ या प्रदूषित है। 0 से 50 तक का AQI अच्छा माना जाता है, 51 से 100 तक संतोषजनक, 101 से 200 तक मध्यम, 201 से 300 तक खराब, 301 से 400 तक बहुत खराब और 401 से 500 तक गंभीर माना जाता है। दिल्ली के कुछ इलाकों में AQI 200 से ऊपर है, जो मध्यम से खराब श्रेणी में आता है, जबकि कुछ जगहों पर यह 100 से नीचे है, जो संतोषजनक है।

नोएडा और गाजियाबाद में भी यही स्थिति है। कहीं हवा साफ है तो कहीं थोड़ी प्रदूषित। यह अंतर शहरों के अंदरूनी हिस्सों, सड़कों पर ट्रैफिक और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है।

कुल मिलाकर, दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अभी मौसम के इस उतार-चढ़ाव से जूझना पड़ेगा। कभी राहत मिलेगी तो कभी उमस परेशान करेगी। इसलिए, लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम के पूर्वानुमान पर ध्यान दें और उसी के अनुसार अपनी दिनचर्या बनाएं।

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