न्यूयॉर्क में पिज्जा डिलीवरी बॉय गुरदीप सिंह की गोली मारकर हत्या, भारतीय मिशन ने जताया दुख

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Navbharat Times
न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में पिज्जा डिलीवरी करने वाले 28 वर्षीय गुरदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना 21 अगस्त को स्थानीय समय के अनुसार हुई। पुलिस को शक है कि यह लूटपाट की कोशिश के दौरान हुआ होगा। संदिग्ध हमलावर घटना के बाद फरार हो गया। न्यूयॉर्क में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और पीड़ित के परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।

कपूरथला, पंजाब के रहने वाले गुरदीप सिंह 13 साल पहले कर्ज लेकर अमेरिका गए थे। उनका सपना था कि वे खूब पैसे कमाकर अपने माता-पिता के लिए एक बेहतर भविष्य बना सकें। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला लूटपाट के इरादे से किया गया हो सकता है। पुलिस को घटनास्थल पर गुरदीप सिंह सीने में गोली लगी हुई हालत में मिले। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
न्यूयॉर्क में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने इस दुखद घटना पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। दूतावास ने 'एक् स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, "हमें यह जानकर गहरा दुख हुआ कि भारतीय नागरिक गुरदीप सिंह की न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में हुई एक फायर िंग की घटना में दुखद मौत हो गई।" दूतावास ने आगे कहा, "इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवार के साथ हैं। महावाणिज्य दूतावास परिवार के संपर्क में है और हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है।"

पुलिस संदिग्ध हमलावर की तलाश में जुटी हुई है। वे इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं ताकि हमलावर की पहचान की जा सके। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस को इस घटना से जुड़ी और जानकारी का इंतजार है। यह घटना अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। गुरदीप सिंह जैसे युवा जो बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाते हैं, उनके साथ ऐसी घटनाएं दिल दहला देने वाली हैं।

यह घटना एक बार फिर विदेश में काम करने वाले भारतीयों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। कई भारतीय युवा बेहतर अवसरों की तलाश में दूसरे देशों में जाते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं। ऐसे में उनके साथ होने वाली आपराधिक घटनाएं न केवल उनके परिवारों को बल्कि पूरे समुदाय को झकझोर देती हैं। पुलिस की जांच जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही दोषी सलाखों के पीछे होंगे। भारतीय दूतावास भी पीड़ित परिवार को हर संभव मदद पहुंचाने के लिए सक्रिय है।

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