मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का लखनऊ दौरा: युवा मतदाताओं को जोड़ने पर जोर
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का लखनऊ दौरा: युवा मतदाताओं को जोड़ने पर जोर
NewsPoint•
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में भारत निर्वाचन आयोग का एक प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य युवा मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना, चुनावी साक्षरता को बढ़ावा देना और जमीनी स्तर पर निर्वाचन व्यवस्था को मजबूत करना है। ज्ञानेश कुमार ने लखनऊ को अपनी 'तपोभूमि' बताते हुए कहा कि यहीं उनकी शिक्षा हुई है और इस शहर से उनका गहरा जुड़ाव है। वे विद्यार्थियों और बूथ-लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से सीधा संवाद करेंगे ताकि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मजबूती सुनिश्चित की जा सके।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि वे खुद यूपी बोर्ड परीक्षाओं में प्रदेश टॉपर रह चुके हैं। उन्होंने 1979 में हाईस्कूल और 1981 में इंटरमीडिएट की परीक्षा में टॉप किया था। यह उपलब्धि उन्होंने लाखों विद्यार्थियों के बीच हासिल की थी। इस दौरे के दौरान, ज्ञानेश कुमार 24 अगस्त को लखनऊ के कॉल्विन तालुकदार कॉलेज के अवध सभागार में विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। यह वही कॉलेज है जहाँ उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई की थी। इसके बाद, वे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में ईएलसी 2.0 और ईसीआईनेट पर आयोजित एक दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।यह क्षेत्रीय सम्मेलन उत्तर प्रदेश में तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें लखनऊ, मेरठ और वाराणसी शामिल हैं। लखनऊ चरण में 20 जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और मीडिया नोडल अधिकारी भाग लेंगे। इसके अलावा, 120 विधानसभा क्षेत्रों के 440 शैक्षणिक संस्थानों से करीब 1,500 विद्यार्थी, शिक्षक, प्राचार्य और संस्थान प्रमुख भी हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना जैसी प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी देना है। यह सब लाइव डेमो के जरिए समझाया जाएगा। साथ ही, ईसीआईनेट के डिजिटल सिस्टम और नए ईएलसी पोर्टल के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों को ईएलसी 2.0 से जोड़ने की प्रक्रिया भी बताई जाएगी।
भारत निर्वाचन आयोग ने 2018 में एसवीईईपी कार्यक्रम के तहत निर्वाचन साक्षरता क्लब यानी ईएलसी की शुरुआत की थी। इसका मकसद विद्यार्थियों और युवा नागरिकों को लोकतांत्रिक मूल्यों, चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की भूमिका के बारे में सिखाना था। अब, डिजिटल युग और युवाओं की बदलती भागीदारी को देखते हुए, इसे ईएलसी 2.0 के रूप में नया रूप दिया जा रहा है। ईएलसी 2.0 का लक्ष्य स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में क्लबों को साल भर सक्रिय, अनुभवात्मक और डिजिटल रूप से सक्षम मंच बनाना है। इस कार्यक्रम के तहत, उन युवाओं को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा जो वोट देने के योग्य हो चुके हैं या जल्द ही होने वाले हैं। इसके साथ ही, नैतिक मतदान, वोट देने के अधिकार के महत्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जिम्मेदार भागीदारी के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
दौरे के दूसरे दिन, 25 अगस्त को, मुख्य चुनाव आयुक्त इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मॉर्स हॉल में लखनऊ और आसपास के जिलों के लगभग 500 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से सीधे बातचीत करेंगे। बीएलओ को मतदाता और निर्वाचन तंत्र के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। मतदाता सूची को अपडेट रखने, योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करने, घर-घर जाकर संपर्क करने और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं जैसी प्रविष्टियों का जमीनी सत्यापन करने में उनकी भूमिका बहुत अहम होती है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि यह दो दिवसीय कार्यक्रम विद्यार्थियों और भविष्य के मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया की व्यावहारिक समझ देने का एक शानदार अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, यह बीएलओ को अपने जमीनी अनुभवों और सुझावों को सीधे आयोग तक पहुंचाने का मौका देगा। इससे निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी, सुगम और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। ज्ञानेश कुमार ने कहा, "लखनऊ मेरी तपोभूमि रही है, यहां मेरी शिक्षा भी हुई है। हम उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को संदेश देने के लिए आए हैं। खासतौर से बूथ-लेवल अधिकारियों, जो लोकतंत्र की आधारशिला हैं, से संवाद होगा। प्रदेश के विश्वविद्यालयों और स्कूलों में भी निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और पूरी प्रक्रिया को समझाने के लिए कार्यक्रम होंगे।" यह दौरा उत्तर प्रदेश में चुनावी व्यवस्था को मजबूत करने और युवा पीढ़ी को लोकतंत्र में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।