कलबुर्गी में खाद की कालाबाजारी का भंडाफोड़: 1400 बोरी यूरिया जब्त, गोदाम सील

NewsPoint
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कलबुर्गी, 24 अगस्त: कर्नाटक के कलबुर्गी में किसानों को ठगने वाले खाद तस्करों का भंडाफोड़ हुआ है। कापनूर इंडस्ट्रियल एरिया में एक गोदाम से 1400 बोरी यूरिया जब्त की गई है। यह खाद किसानों को दोगुने दाम पर बेचने के लिए जमा की गई थी। कृषि विभाग, तहसीलदार और पुलिस की टीम ने मिलकर इस गोदाम पर छापा मारा। उन्होंने भारी मात्रा में खाद जब्त की और गोदाम संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया।

कृषि विभाग की सतर्कता शाखा की सहायक निदेशक कविता ने आईएएनएस को बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि यहां अवैध रूप से खाद जमा की गई है। उन्होंने कहा, "हमें शिकायत मिली थी कि यहां कुछ अवैध खाद जमा है, जिसमें सब्सिडी वाली यूरिया की बोरियां भी हैं। हमें यह भी बताया गया था कि कुछ बोरियों पर सब्सिडी का निशान नहीं है और यूरिया को पूरी तरह से सफेद बोरियों में भरा जा रहा है।"
कविता ने आगे बताया, "इसलिए हम यहां आए और यहां सब्सिडी वाली यूरिया की बड़ी मात्रा मिली, 1,000 से ज्यादा, लगभग 1,400 बोरी, हालांकि अभी सटीक गिनती पूरी नहीं हुई है।" उन्होंने बताया कि गोदाम में तीन-चार कंपनियों की बोरियां दिख रही थीं। ऐसा लग रहा था कि किसानों के लिए सब्सिडी वाली यूरिया को औद्योगिक इस्तेमाल के लिए यहां दोबारा पैक किया जा रहा था। जो सफेद बैग दिख रहे थे, उन पर 'टेक्निकल ग्रेड यूरिया' लिखा था, जो सिर्फ इंडस्ट्री में इस्तेमाल होता है।

कविता ने इस बात पर जोर दिया, "मेरी जानकारी से इस गोदाम को लाइसेंस नहीं दिया गया है। यहां पर कोई नाम भी नहीं है कि कौन सा गोदाम है और कौन सी खाद है।" उन्होंने बताया कि जो यूरिया किसानों को मिलनी चाहिए थी, उसकी यहां औद्योगिक इस्तेमाल के लिए रीपैकिंग हो रही थी। प्रशासन ने गोदाम को सील कर दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

यह घटना किसानों के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर जब बुवाई का मौसम चल रहा हो। खाद की कमी और कालाबाजारी से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इस तरह की घटनाओं से किसानों का विश्वास भी डगमगाता है। अधिकारी इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

किसानों को हमेशा यह सलाह दी जाती है कि वे अधिकृत दुकानों से ही खाद खरीदें और किसी भी तरह की कालाबाजारी या अवैध बिक्री की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें। इस तरह की सतर्कता से ही हम ऐसे तस्करों पर नकेल कस सकते हैं और किसानों को उनका हक दिला सकते हैं। यह जब्त की गई यूरिया किसानों को उचित मूल्य पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनकी बुवाई की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके। यह कार्रवाई एक मिसाल कायम करेगी और अन्य कालाबाजारियों को भी सबक सिखाएगी।

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