कलबुर्गी में खाद की कालाबाजारी का भंडाफोड़: 1400 बोरी यूरिया जब्त, गोदाम संचालक पर केस दर्ज

NewsPoint
1400
कलबुर्गी में किसानों के लिए खाद की कालाबाजारी का बड़ा खेल सामने आया है। अधिकारियों ने कापनूर इंडस्ट्रियल एरिया में एक गोदाम पर छापा मारकर 1400 बोरी यूरिया जब्त की है। यह खाद किसानों को दोगुने दाम पर बेचने के लिए जमा की गई थी। कृषि विभाग, तहसीलदार और पुलिस की टीम ने मिलकर इस गोदाम का पर्दाफाश किया। गोदाम संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और गोदाम को सील कर दिया गया है।

कृषि विभाग की सतर्कता शाखा की सहायक निदेशक कविता ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि यहां अवैध रूप से खाद जमा की गई है। उन्होंने कहा, “हमें शिकायत मिली थी कि यहां कुछ अवैध खाद जमा है, जिसमें सब्सिडी वाली यूरिया की बोरियां भी हैं। हमें यह भी बताया गया था कि कुछ बोरियों पर सब्सिडी का निशान नहीं है और यूरिया को पूरी तरह से सफेद बोरियों में भरा जा रहा है।”
कविता ने आगे बताया कि जब उन्होंने गोदाम का निरीक्षण किया तो वहां सब्सिडी वाली यूरिया की बड़ी मात्रा मिली। उन्होंने कहा, “इसलिए हम यहां आए और यहां सब्सिडी वाली यूरिया की बड़ी मात्रा मिली, 1,000 से ज्यादा, लगभग 1,400 बोरी, हालांकि अभी सटीक गिनती पूरी नहीं हुई है।” गोदाम में तीन-चार अलग-अलग कंपनियों की बोरियां दिखाई दे रही थीं।

ऐसा लग रहा था कि सब्सिडी वाली यूरिया को औद्योगिक इस्तेमाल के लिए फिर से पैक किया जा रहा था। कविता ने बताया कि गोदाम में जो सफेद बैग दिख रहे थे, उन पर 'टेक्निकल ग्रेड यूरिया' लिखा था। यह खास तरह की यूरिया सिर्फ उद्योगों में इस्तेमाल होती है, किसानों के लिए नहीं।

कविता ने इस बात पर जोर दिया कि इस गोदाम को खाद रखने का कोई लाइसेंस नहीं मिला था। उन्होंने कहा, “मेरी जानकारी से इस गोदाम को लाइसेंस नहीं दिया गया है। यहां पर कोई नाम भी नहीं है कि कौन सा गोदाम है और कौन सी खाद है।” उन्होंने बताया कि जो यूरिया किसानों को मिलनी चाहिए थी, उसे यहां औद्योगिक इस्तेमाल के लिए दोबारा पैक किया जा रहा था। यह किसानों के साथ सरासर धोखा था।

प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गोदाम को सील कर दिया है। इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कालाबाजारी के नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे गोरखधंधे को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। किसानों को उनकी हक की खाद सही दाम पर मिले, इसके लिए विभाग पूरी तरह से सतर्क है। इस तरह की घटनाएं किसानों को काफी परेशान करती हैं, खासकर जब उन्हें बुवाई के समय खाद की सख्त जरूरत होती है। यह जब्त की गई यूरिया किसानों के लिए बहुत मददगार साबित हो सकती थी, लेकिन कालाबाजारी के कारण वे इससे वंचित रह जाते।

रेकमेंडेड खबरें