तमिलनाडु विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा आज से शुरू, CM विजय के विभाग भी शामिल

NewsPoint
cm
चेन्नई, 24 अगस्त. वीकेंड की छुट्टी के बाद तमिलनाडु विधानसभा सोमवार को एक बार फिर से अपनी कार्यवाही शुरू करने जा रही है. इस बार सदन में छह अहम विभागों, जिनमें मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के अधीन आने वाले विभाग भी शामिल हैं, की अनुदान मांगों पर जोरदार बहस होगी. इस चर्चा में नगर प्रशासन और जलापूर्ति, सूचना, प्रचार, स्टेशनरी और प्रिंटिंग, स्कूली शिक्षा, तमिल विकास, और उच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं. सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य इन विभागों की नीतियों, खर्चों और योजनाओं पर सवाल उठाएंगे. मुख्यमंत्री विजय खुद नगर प्रशासन और जलापूर्ति विभाग से जुड़े विधायकों के सवालों का जवाब देंगे. वहीं, सूचना, प्रचार और स्कूली शिक्षा मंत्री राजमोहन और उच्च शिक्षा मंत्री विश्वनाथन भी अपने-अपने विभागों से जुड़ी बहसों में जवाब देंगे. उम्मीद है कि मंत्री नई विभागीय पहलों की घोषणा भी करेंगे. मुख्यमंत्री के जवाबों पर खास ध्यान रहेगा, क्योंकि नगर प्रशासन और पीने के पानी की आपूर्ति सीधे तौर पर तमिलनाडु के शहरों और कस्बों को प्रभावित करती है.

इससे पहले, 5 अगस्त को 2026-27 का आम बजट और 6 अगस्त को कृषि बजट पेश किया गया था. इन दोनों वित्तीय बयानों पर 7, 10 और 11 अगस्त को तीन दिन तक आम चर्चा हुई थी. वित्त मंत्री मारिया विल्सन और कृषि मंत्री विनोद के जवाबों के बाद 12 अगस्त को यह बहस समाप्त हुई. इसके बाद, स्वतंत्रता दिवस के समारोहों के चलते विधानसभा की कार्यवाही चार दिनों के लिए स्थगित कर दी गई थी. 17 अगस्त को सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई और तब से अनुदान की मांगों पर विभाग-वार चर्चा चल रही है. अब तक 18 विभागों की मांगों पर चर्चा हो चुकी है और उन्हें मंजूरी भी मिल चुकी है. शनिवार और रविवार, यानी 22 और 23 अगस्त को कार्यवाही स्थगित रहने के बाद, सोमवार को सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी.
सोमवार को होने वाली चर्चा में सबकी निगाहें इस बात पर टिकी रहेंगी कि सरकार विभागीय खर्चों को किस तरह प्राथमिकता दे रही है. खासकर शिक्षा, शहरी प्रशासन, जलापूर्ति, सूचना और तमिल विकास जैसे क्षेत्रों में सरकार की नीतिगत दिशा क्या है. मंत्रियों के जवाबों के बाद, अनुदान की मांगों को मंजूरी के लिए सदन में पेश किया जाएगा. यह उम्मीद की जा रही है कि योजनाओं के कार्यान्वयन, फंड के आवंटन और 2026-27 के वित्तीय वर्ष के लिए प्रशासन की योजनाओं को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक विस्तृत और गरमागरम बहस जारी रहेगी.

मुख्यमंत्री विजय के पास नगर प्रशासन और जलापूर्ति विभाग है, जो सीधे तौर पर राज्य के शहरी जीवन से जुड़ा है. इस विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर होने वाली चर्चा में मुख्यमंत्री से कई अहम सवालों के जवाब की उम्मीद है. शहरवासियों को बेहतर जलापूर्ति और नगर प्रशासन की सुविधाओं को लेकर सरकार की क्या योजनाएं हैं, इस पर विधायक सवाल उठा सकते हैं. इसी तरह, स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सरकार क्या नए कदम उठाने वाली है, इस पर भी चर्चा होगी. सूचना, प्रचार, स्टेशनरी और प्रिंटिंग विभाग से जुड़ी मांगों पर भी बहस होगी, जिसमें सरकारी सूचनाओं के प्रसार और प्रकाशन से जुड़े मुद्दों पर बात की जा सकती है.

यह सत्र काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें राज्य के विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए जाने हैं. पिछले कुछ दिनों में 18 विभागों की मांगों पर चर्चा और मंजूरी मिल चुकी है, जो दर्शाता है कि विधानसभा अपने एजेंडे को तेजी से आगे बढ़ा रही है. स्वतंत्रता दिवस के कारण हुई चार दिन की देरी के बाद, अब विधानसभा अपने काम को पूरा करने में जुटी हुई है. सोमवार को होने वाली चर्चा के बाद, अनुदान की मांगों को अंतिम मंजूरी मिल जाएगी, जिससे सरकार को इन विभागों के लिए धन आवंटित करने का अधिकार मिल जाएगा. यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष किन मुद्दों को उठाता है और सरकार उन पर क्या जवाब देती है.

आम बजट और कृषि बजट पर हुई चर्चा के बाद, अब विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा राज्य के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी. खासकर, मुख्यमंत्री के अधीन आने वाले नगर प्रशासन और जलापूर्ति विभाग पर सबकी नजरें होंगी. यह विभाग सीधे तौर पर आम जनता के जीवन को प्रभावित करता है, इसलिए इस पर होने वाली बहस का महत्व और भी बढ़ जाता है. मंत्रियों द्वारा नई पहलों की घोषणा से जनता को यह जानने का मौका मिलेगा कि आने वाले समय में उनके शहरों और कस्बों में क्या बदलाव देखने को मिलेंगे. यह सत्र राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.

रेकमेंडेड खबरें