डिएगो फोरलान उरुग्वे के नए अंतरिम कोच बन सकते हैं, बातचीत जारी

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 13 जुलाई: उरुग्वे फुटबॉल टीम को जल्द ही एक नया अंतरिम कोच मिल सकता है, और यह जिम्मेदारी पूर्व स्टार खिलाड़ी डिएगो फोरलान को सौंपी जा सकती है। उरुग्वे फुटबॉल एसोसिएशन (एयूएफ) और फोरलान के बीच इस पद को लेकर बातचीत चल रही है। अगर दोनों के बीच सहमति बनती है, तो फोरलान इस साल सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में होने वाले छह अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली मैचों में टीम का नेतृत्व करेंगे। इसके साथ ही, उन्हें उरुग्वे की अंडर-20 टीम की कमान भी मिल सकती है। एयूएफ के अध्यक्ष इग्नासियो अलोंसो ने बताया कि बातचीत अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही है और फोरलान इस नई भूमिका को लेकर उत्साहित हैं, हालांकि कुछ बातों पर अभी चर्चा बाकी है। एयूएफ साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रीय टीम के लिए स्थायी मुख्य कोच नियुक्त करेगा।

डिएगो फोरलान उरुग्वे के सबसे चहेते और सफल फुटबॉलरों में से एक हैं। उन्होंने अपने शानदार करियर में इंग्लैंड के मैनचेस्टर यूनाइटेड, स्पेन के विल्लारियल और एटलेटिको मैड्रिड, और इटली के इंटर मिलान जैसे बड़े क्लबों के लिए खेला है। उन्होंने उरुग्वे की राष्ट्रीय टीम के लिए 112 मैच खेले और 36 गोल किए। फोरलान का सबसे यादगार प्रदर्शन 2010 फीफा वर्ल्ड कप में था, जहाँ उन्होंने पांच गोल किए और अपनी टीम को सेमीफाइनल तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी 'गोल्डन बॉल' पुरस्कार भी मिला था।
47 वर्षीय फोरलान के पास कोचिंग का भी अनुभव है। वह पहले उरुग्वे के क्लब पेनारोल और एटेनास के मुख्य कोच रह चुके हैं। हालांकि, राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी संभालना उनके लिए अब तक का सबसे बड़ा चैलेंज होगा। उरुग्वे में कोच बदलने की जरूरत तब पड़ी, जब जून में फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप चरण से टीम के बाहर होने के बाद मार्सेलो बिएल्सा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे अपने ग्रुप में तीसरे स्थान पर रही थी। टीम ने काबो वर्डे और सऊदी अरब के खिलाफ मैच ड्रॉ खेले, जबकि स्पेन के खिलाफ उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

मार्सेलो बिएल्सा ने मई 2023 में टीम की कमान संभाली थी। उनके कार्यकाल में उरुग्वे ने 16 मैच जीते, 12 ड्रॉ खेले और आठ मुकाबले गंवाए। इस्तीफे के बाद बिएल्सा ने कहा कि उन्हें इस तरह विदा होने का दुख है। उन्होंने माना कि टीम के पास अच्छे खिलाड़ी और पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करा सके और इसकी पूरी जिम्मेदारी वह खुद लेते हैं।

यह बदलाव तब हो रहा है जब उरुग्वे फुटबॉल एसोसिएशन एक नई दिशा की तलाश में है। फोरलान जैसे दिग्गज खिलाड़ी का कोच बनना प्रशंसकों के लिए रोमांचक खबर है। उम्मीद है कि फोरलान अपने अनुभव और जुनून से टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह राष्ट्रीय टीम के दबाव को कैसे संभालते हैं और क्या वह उरुग्वे को फिर से विश्व फुटबॉल में एक मजबूत दावेदार बना पाते हैं। उनकी कोचिंग शैली और खिलाड़ियों के साथ तालमेल कैसा रहता है, यह भी देखने लायक होगा। यह कदम उरुग्वे फुटबॉल के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

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