डिएगो फोरलान उरुग्वे के नए अंतरिम कोच बन सकते हैं, बातचीत जारी

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Navbharat Times
उरुग्वे की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को जल्द ही एक नया अंतरिम कोच मिल सकता है। पूर्व स्टार खिलाड़ी डिएगो फोरलान इस पद के लिए प्रबल दावेदार हैं। उरुग्वे फुटबॉल एसोसिएशन (एयूएफ) और फोरलान के बीच इस बारे में बातचीत चल रही है। अगर सब कुछ तय हो जाता है, तो फोरलान इस साल सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में होने वाले छह अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली मैचों में टीम की कमान संभालेंगे। उन्हें उरुग्वे की अंडर-20 टीम का जिम्मा भी सौंपा जा सकता है। एयूएफ के अध्यक्ष इग्नासियो अलोंसो ने बताया कि बातचीत अच्छी चल रही है और फोरलान इस नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साहित हैं, हालांकि कुछ बातों पर अभी चर्चा बाकी है। संघ साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में टीम के लिए स्थायी मुख्य कोच नियुक्त करेगा। यह बदलाव तब जरूरी हुआ जब जून में फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप चरण से बाहर होने के बाद मार्सेलो बिएल्सा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

डिएगो फोरलान उरुग्वे के सबसे चहेते और सफल फुटबॉलरों में से एक हैं। उन्होंने अपने शानदार करियर में इंग्लैंड के मैनचेस्टर यूनाइटेड, स्पेन के विल्लारियल और एटलेटिको मैड्रिड, और इटली के इंटर मिलान जैसे बड़े क्लबों के लिए खेला है। उन्होंने उरुग्वे की राष्ट्रीय टीम के लिए 112 मैच खेले और 36 गोल किए। फोरलान का सबसे यादगार प्रदर्शन 2010 फीफा वर्ल्ड कप में था, जहाँ उन्होंने पांच गोल किए और अपनी टीम को सेमीफाइनल तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी 'गोल्डन बॉल' पुरस्कार भी मिला था।
47 वर्षीय फोरलान के पास कोचिंग का भी अनुभव है। वह पहले उरुग्वे के क्लब पेनारोल और एटेनास के मुख्य कोच रह चुके हैं। हालांकि, राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी संभालना उनके लिए अब तक का सबसे बड़ा इम्तिहान होगा। उरुग्वे को कोच बदलने की जरूरत तब पड़ी जब जून में फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप चरण से टीम के बाहर होने के बाद मार्सेलो बिएल्सा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे अपने ग्रुप में तीसरे स्थान पर रही। टीम ने काबो वर्डे और सऊदी अरब के खिलाफ मैच ड्रॉ खेले, जबकि स्पेन के खिलाफ टीम को हार का सामना करना पड़ा।

मार्सेलो बिएल्सा ने मई 2023 में टीम की कमान संभाली थी। उनके कार्यकाल में उरुग्वे ने 16 मैच जीते, 12 ड्रॉ खेले और आठ मुकाबले गंवाए। इस्तीफे के बाद बिएल्सा ने कहा कि उन्हें इस तरह विदा होने का दुख है। उन्होंने माना कि टीम के पास अच्छे खिलाड़ी और पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करा सके और इसकी पूरी जिम्मेदारी वह खुद लेते हैं।

एयूएफ के अध्यक्ष इग्नासियो अलोंसो ने बताया कि बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि फोरलान इस जिम्मेदारी को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन कुछ मुद्दों पर अभी चर्चा बाकी है। उन्होंने यह भी साफ किया कि उरुग्वे फुटबॉल संघ साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रीय टीम के लिए स्थायी मुख्य कोच नियुक्त करेगा। यह कदम उरुग्वे फुटबॉल के लिए एक नया अध्याय साबित हो सकता है, जिसमें एक अनुभवी खिलाड़ी को टीम का नेतृत्व करने का मौका मिलेगा।

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