यास्तिका भाटिया और क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स में रचा इतिहास, रवि शास्त्री ने की जमकर तारीफ
यास्तिका भाटिया और क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स में रचा इतिहास, रवि शास्त्री ने की जमकर तारीफ
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नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की दो युवा खिलाड़ियों, यास्तिका भाटिया और क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया है। यास्तिका ने जहां शतकीय पारी खेलकर लॉर्ड्स में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनने का गौरव हासिल किया, वहीं क्रांति ने गेंदबाजी में पांच विकेट लेकर यह उपलब्धि हासिल करने वाली दुनिया की पहली महिला गेंदबाज बनकर सबको चौंका दिया। इन दोनों खिलाड़ियों के इस असाधारण प्रदर्शन की पूर्व भारतीय क्रिकेटर और हेड कोच रवि शास्त्री ने जमकर तारीफ की है।
रवि शास्त्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यास्तिका और क्रांति की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा, "यास्तिका, क्रांति आपने कमाल कर दिया। 'होम ऑफ क्रिकेट' के ऑनर्स बोर्ड पर आपका स्वागत है। यह एक ऐसी उपलब्धि है जिसे आप जीवन भर संजोकर रखेंगी। यह हर उस भारतीय महिला क्रिकेटर के लिए प्रेरणा जो ऐसा करने का सपना देखती है।"मैच के दूसरे दिन, क्रांति गौड़ ने अपनी शानदार गेंदबाजी से इंग्लैंड की टीम को मात्र 170 रनों पर समेट दिया। उन्होंने पहली पारी में 5 विकेट चटकाए, जिससे भारतीय टीम को पहली पारी के आधार पर 115 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिली। इस प्रदर्शन के साथ ही क्रांति लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित टेस्ट ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराने वाली खेल के इतिहास की पहली महिला खिलाड़ी बन गईं। वह टेस्ट मैच में पांच विकेट लेने वाली सिर्फ तीसरी भारतीय महिला तेज गेंदबाज बनीं। इस खास सूची में उनका नाम झूलन गोस्वामी और गार्गी बनर्जी के साथ शामिल हो गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 2006 में झूलन गोस्वामी के बाद किसी भारतीय महिला तेज गेंदबाज ने टेस्ट क्रिकेट में पांच विकेट लिए हैं।
टेस्ट के तीसरे दिन, यास्तिका भाटिया ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने 158 गेंदों में 113 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। अपनी इस लाजवाब पारी में यास्तिका ने 14 चौके लगाए। वह लॉर्ड्स में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बन गईं। बाएं हाथ की इस बल्लेबाज ने सिर्फ 145 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया। शतक पूरा करने के बाद यास्तिका भावुक हो गईं और घुटनों के बल बैठकर लॉर्ड्स की पिच को चूमा। दर्शकों ने भी खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिवादन किया।
यह दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है। यास्तिका और क्रांति ने न केवल अपने व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाए हैं, बल्कि उन्होंने आने वाली पीढ़ियों की महिला क्रिकेटरों को भी प्रेरित किया है। लॉर्ड्स, जिसे क्रिकेट का मक्का कहा जाता है, पर ऐसी उपलब्धि हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए जीवन भर का सपना होता है। इन दोनों युवा खिलाड़ियों ने यह सपना सच कर दिखाया है।
क्रांति की गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को टिकने का मौका ही नहीं दिया। उनके सटीक और धारदार गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाज बेबस नजर आए। उन्होंने न केवल विकेट लिए बल्कि रन भी रोके, जिससे भारतीय टीम को मैच में मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
वहीं, यास्तिका की बल्लेबाजी ने दिखाया कि वह दबाव में भी कितना शानदार खेल सकती हैं। उन्होंने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण पेश किया। उनके बल्ले से निकले चौके और रन देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। उनकी शतकीय पारी ने भारतीय टीम को एक बड़ा स्कोर बनाने में मदद की।
रवि शास्त्री जैसे दिग्गज खिलाड़ी की तारीफ मिलना इन दोनों खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा सम्मान है। शास्त्री ने जिस तरह से उनकी प्रशंसा की है, उससे साफ है कि वे इन खिलाड़ियों की प्रतिभा और मेहनत से कितने प्रभावित हैं। यह तारीफ न केवल यास्तिका और क्रांति के लिए बल्कि पूरे भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। यह दिखाता है कि भारतीय महिला क्रिकेट अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है और बड़े मंचों पर भी शानदार प्रदर्शन करने में सक्षम है।