कोलकाता में 10 गिरफ्तार: नकली कॉल सेंटर से लोन दिलाने के नाम पर ठगी का भंडाफोड़
कोलकाता में 10 गिरफ्तार: नकली कॉल सेंटर से लोन दिलाने के नाम पर ठगी का भंडाफोड़
NewsPoint•
कोलकाता पुलिस ने शहर में चल रहे नकली कॉल सेंटरों का पर्दाफाश करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. ये लोग खुद को बड़ी कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर लोगों को लोन दिलाने का झांसा देते थे और उनसे धोखाधड़ी करते थे. पुलिस ने इनके पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड और एक लैपटॉप भी बरामद किया है. यह रैकेट कम ब्याज दरों पर जल्दी लोन दिलाने का लालच देकर लोगों को ठग रहा था.
कोलकाता पुलिस के पोर्ट डिवीजन के साइबर सेल और मेटियाब्रुज पुलिस स्टेशन ने मिलकर यह बड़ी कार्रवाई की है. उन्होंने कोलकाता के बोबाजार और पटुलिया इलाकों से इन 10 धोखेबाजों को पकड़ा है. पुलिस के अनुसार, मेटियाब्रुज पुलिस स्टेशन इलाके की एक महिला ने हाल ही में शिकायत दर्ज कराई थी. महिला ने बताया कि कुछ लोगों ने खुद को 'टाटा कैपिटल फाइनेंस' का कर्मचारी बताकर उसे 2.18 लाख रुपये का लोन दिलाने का वादा किया.धोखेबाजों ने महिला का भरोसा जीतने के लिए टाटा कैपिटल के नकली दस्तावेज और एक नकली डिमांड ड्राफ्ट भी तैयार किया था. इसके बाद, उन्होंने प्रोसेसिंग फीस, इंश्योरेंस चार्ज और डॉक्यूमेंटेशन फीस के नाम पर महिला से पैसे मांगे. महिला ने उनकी बातों में आकर किस्तों में कुल 25,450 रुपये दे दिए. लेकिन, उसे वादा किया गया लोन कभी नहीं मिला. जब महिला को ठगी का एहसास हुआ, तो उसने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
पोर्ट डिवीजन के साइबर सेल ने इस मामले की जांच शुरू की. उन्होंने टेक्निकल सर्विलांस का इस्तेमाल करके आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया. इसके बाद, मेटियाब्रुज पुलिस स्टेशन और साइबर सेल के अधिकारियों की एक स्पेशल टीम बनाई गई. 9 जुलाई को, जांचकर्ताओं ने बोबाजार पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में दो अलग-अलग जगहों पर एक साथ छापेमारी की. वहां उन्हें लोन देने के नाम पर चल रहे दो नकली कॉल सेंटर मिले. मौके से नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया. हालांकि, पुलिस ने उस समय जांच को ध्यान में रखते हुए गिरफ्तारियों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की थी.
पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने बताया कि यह ठगी का नेटवर्क काफी बड़ा है. उनकी दी हुई जानकारी के आधार पर, शनिवार को पटुली पुलिस स्टेशन इलाके से सुधीर महतो नाम के एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया. इस गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या 10 हो गई है.
पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है. उनका मकसद यह पता लगाना है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और अब तक कितने लोगों को ठगा जा चुका है. पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 48 कीपैड मोबाइल फोन, एक स्मार्टफोन, एक लैपटॉप, छह सिम कार्ड, दो नकली रबर स्टैम्प और कई फोन नंबर बरामद किए हैं. पुलिस इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच कर रही है. यह मामला लोगों को जल्दी और आसान लोन दिलाने के लालच में फंसाकर ठगने का है, जो आजकल काफी बढ़ गया है. ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी अनजान कॉल या ऑफर पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए. किसी भी तरह की फीस या प्रोसेसिंग चार्ज मांगने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए.