जैकी श्रॉफ ने नीलू फुले की 17वीं पुण्यतिथि पर किया भावुक स्मरण, 250 से अधिक फिल्मों में काम किया
जैकी श्रॉफ ने नीलू फुले की 17वीं पुण्यतिथि पर किया भावुक स्मरण, 250 से अधिक फिल्मों में काम किया
NewsPoint•
मुंबई, 13 जुलाई: जाने-माने मराठी और हिंदी फिल्मों के कलाकार नीलू फुले को उनकी 17वीं पुण्यतिथि पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने सोमवार को याद किया। जैकी श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए दिवंगत कलाकार की एक पुरानी तस्वीर के साथ लिखा, "नीलू फुले जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहा हूं।" नीलू फुले को मराठी सिनेमा और थिएटर का एक बेहद मशहूर चेहरा माना जाता था। 13 जुलाई, 2009 को 78 साल की उम्र में एसोफेजियल कैंसर (esophageal cancer) से उनका निधन हो गया था।
नीलू फुले अपनी दमदार एक्टिंग के लिए दर्शकों के दिलों में खास जगह रखते थे। वे अक्सर पर्दे पर बेरहम जमींदार, भ्रष्ट नेता, चालाक गांव के मुखिया और विलेन जैसे किरदार निभाते थे, जिन्हें लोग खूब पसंद करते थे। सिर्फ एक्टिंग ही नहीं, फुले एक सामाजिक कार्यकर्ता (social activist) और थिएटर कलाकार के तौर पर भी काफी सम्मान पाते थे। उन्होंने अपने करियर में 250 से ज्यादा मराठी और हिंदी फिल्मों में काम किया।उनकी कुछ यादगार मराठी फिल्मों में 'सामना', 'सिंहासन', 'जैत रे जैत', 'एक होता विदूषक', 'पिंजरा' और 'सोबती' शामिल हैं। हिंदी सिनेमा में भी उन्होंने 'मशाल', 'कुली', 'सारांश', 'नरम गरम' और 'प्रेम प्रतिज्ञा' जैसी फिल्मों में अपनी छाप छोड़ी।
जैकी श्रॉफ बॉलीवुड के उन चुनिंदा सितारों में से हैं जो खास लोगों, खासकर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की महत्वपूर्ण तारीखों और मौकों को कभी नहीं भूलते। चार दशकों से भी ज्यादा समय से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा रहे जैकी श्रॉफ को आखिरी बार फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' में देखा गया था। इस फिल्म में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, रवीना टंडन, लारा दत्ता जैसे कई बड़े कलाकार भी नजर आए थे।
नीलू फुले का निधन भले ही 2009 में हुआ हो, लेकिन उनकी कलाकारी आज भी लोगों के जेहन में जिंदा है। उनके निभाए किरदारों ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी है। वे सिर्फ एक कलाकार ही नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान थे जिन्होंने समाज के लिए भी काम किया। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करना इस बात का सबूत है कि उनकी विरासत आज भी कायम है। जैकी श्रॉफ जैसे कलाकार का यह कदम दिखाता है कि इंडस्ट्री में आपसी सम्मान और यादें कितनी मायने रखती हैं। यह पोस्ट न केवल नीलू फुले को श्रद्धांजलि है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे कलाकार एक-दूसरे की कला और योगदान को महत्व देते हैं।